हाइकोर्ट से मिला दवा बेचने का अधिकार

जालंधर: पिम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पिम्स) और 24 आवर फार्मेसी के बीच चल रहे विवाद पर जब स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया गया तो फार्मेसी ने उसे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। कोर्ट ने स्टे आर्डर देते हुए स्वास्थ्य विभाग को नोटिस ऑफ मोशन जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी, 2018 को तय हुई है। अदालत द्वारा जारी आदेश के बाद ही मंगलवार को फार्मेसी खुल गई और पिछले 12-13 दिन से रुकी दवाओं की खरीद-बिक्री पुन: चालू हो गई।
बता दें कि पिम्स की तरफ से फार्मेसी के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ड्रग विभाग ने 24 आवर फार्मेसी का लाइसेंस रद्द करने का बड़ा फैसला लिया था। विभाग का आदेश मिलने से लेकर अब तक फार्मेसी बंद पड़ी हुई थी। फार्मेसी खुलते ही पिम्स के भीतर दवाइयां लेने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार मरीजों के पास बेस्ट हेल्थ केयर से दवाइयां लेने का विकल्प भी उपलब्ध है मगर दवाइयों के दामों में फर्क और पूरी दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण लोग फार्मेसी से दवा लेना उचित समझते हैं। 24 आवर फार्मेसी प्रबंधन की तरफ से हरप्रीत सिंह संधू ने कहा 12-13 दिन बाद फार्मेसी खुलने से बेशक नुकसान हुआ लेकिन अदालत के न्याय से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि वह गुणवत्तापरक दवाओं को उचित दाम पर बेचते हैं। हालांकि जोनल ड्रग अथॉरिटी करुण सचदेव ने कहा कि 24 आवर फार्मेसी का लाइसेंस रद्द करने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा स्टे आर्डर जारी करने संबंधी उनके पास कोई औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। फैसले वाले दिन देर शाम तक आर्डर की कापी ऑनलाइन भी उपलब्ध नहीं थी।