ड्रग विभाग हैरान: कैसे पहुंचा 60 करोड़ के पार दवा कारोबार

कटनी (मध्यप्रदेश): हिमाचल प्रदेश के पोंटासाहिब में बन रही नकली (मिस ब्रांड) मल्टीविटामिन सिरप मध्य प्रदेश के कटनी में बड़ी संख्या में पहुंच रही है। यहां से इसकी सप्लाई प्रदेश के अलग-अलग शहरों में हो रही है। जानकारी के मुताबिक, हर माह कटनी शहर से पांच प्रकार की नकली दवाओं की सप्लाई का कारोबार करीब 5 करोड़ रुपए मासिक और सालाना लगभग 60 करोड़ रुपए से अधिक का है। स्टेट लेबोटरी (राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला) से मिली रिपोर्ट के बाद इसका खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन कटनी द्वारा उन मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से नकली दवाओं के सैंपल लिए गए थे।

औषधि विभाग ने पिछले दिनों रामा मेडिकल स्टोर्स एजेंसीज, गर्ग चौराहा, सुनील मेडिकल स्टोर्स, माधवनगर गुरुनानक मेडिकल स्टोर्स, नजदीक साधूराम स्कूल के खिलाफ प्रकरण पेश किया है। इन मेडिकल स्टोरों से विकोजिंक, लाइजिड, ऑक्सीलोर, ब्रिला, आस्ट्रो मल्टीविटामिन सिरप आदि के सैंपल लिए गए थे। अमानक और मिसब्रांड के संदेह पर 230 दवाओं के नमूने लिए गए थे। 15 केस न्यायालय में भेजे गए, जिसमें से 9 पर निर्णय पारित हुए और 4 कारोबारियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। 4 कारोबारियों पर लगाया गया 3 लाख 60 हजार रुपए जुर्माना। इन दवाओं में डेट ऑफ पैकिंग, बैच नंबर, बेस्ट बिफॉर, निर्माण का संपूर्ण पता, फूड लाइसेंस नंबर आदि गलत मिला। कानून के मुताबिक, नकली (मिस ब्रांड) दवाओं पर 3 लाख तक, अमानक पर 10 लाख तक जुर्माना और असुरक्षित ब्रांड पर 6 माह से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। मानव स्वास्थ्य के लिहाज से भी असुरक्षित प्रोडक्ट होने पर 6 माह से लेकर उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के सीएमएचओ डॉ. अशोक अवधिया का कहना है कि जिले में जिन दवाओं के सैंपल लिए गए थे। उनकी जांच में 5 सिरप मिस ब्रांड पाए गए। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।