GST: महंगा हुआ दवा बाजार  

फिरोजाबाद: दवाओं पर जीएसटी के कारण जीवनरक्षक दवाएं महंगी हो चुकी हैं। ब्लड प्रेशर के मरीज हो या शुगर के या फिर अन्य किसी रोग की दवा हो, सभी दवाओं के दामों में बढ़ोतरी हुई। दवा दुकानदारों का कहना है कि सभी दवाएं महंगी नहीं हुई लेकिन अधिकतम दवाओं के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दुकानदार को जिस रेट पर दवाएं मिल रही हैं, वह उसी हिसाब से बेच रहे हैं, इसलिए उन पर कोई खास फर्क नहीं है लेकिन महंगाई का बोझ उन पर पड़ा है जिन्हें डॉक्टरों ने दवा लिख दी है यानी मरीजों पर महंगाई की मार पड़ी है। दवाओं के दामों की बढ़ोतरी की बात करें तो किसी दवा पर एक रुपये बढ़ा है तो किसी पर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।

ब्लड प्रेशर में काम आने वाली रेमीटोरवा टेबलेट की दस गोलियों के पैक पर एक रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह पैक 24 रुपये का आता था, अब 25 रुपये का है। इंजेक्शन स्ट्रेपटोमाइसिन पर भी बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह सिप्लोक्स पर चार रुपये बढ़े हैं। जैडी 250 एमजी की पांच टेबलेट जहां पूर्व में 93 रुपये 60 पैसे की थीं तो वहीं अब यह दाम 98 रुपये 80 पैसे हो गए हैं। गैस्टाकाइन्ड की दस टेबलेट 21 रुपये 50 पैसे की थी तो वहीं अब रेट 23 रुपये 65 पैसे हो गई है। कैल्डीकाइंड प्लस के दस कैप्सूल जहां 120 रुपये के बिका करते थे तो अब 132 रुपये रेट हो गई है। जोफोक्स 500 की दस टेबलेट 66 रुपये 67 रुपये थी तो वहीं अब इसके दाम में भारी उछाल आने के बाद अब यह 93 रुपये 90 पैसे की हो गई है। ऑगमेन्टिन 625 की दस टैबलेट 172 रुपये 81 पैसे की थी जो कि अब 182 रुपये 56 पैसे की हो गई है। एडेंट की छह टेबलेट जो 111 रुपये की थी अब 122 रुपये की मिल रही है।