प्रतिबंधित दवा मामले में गिरफ्तार आरोपी रिहा

मोगा। प्रतिबंधित दवाइयों के मामले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया है। वहीं पुलिस ने जिन दवाइयों को एनडीपीएस बताकर मामला दर्ज किया था, सरकारी लैब की रिपोर्ट में उन दवाइयों को एनडीपीएस एक्ट के अधीन नहीं माना है। ड्रग इंस्पेक्टर ने भी अदालत में आरोपी के पक्ष में ही गवाही दी थी। पुलिस की लापरवाही के चलते बेकसूर युवक को 45 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था।

आरोपी पक्ष के एडवोकेट गगनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि एक जुलाई 2015 को थाना समालसर पुलिस ने गश्त के दौरान कार में जा रहे ओंकार कंडा को काबू कर उससे 15 हजार गोलियां लोमोटिल, 2500 गोलियां फराटाडोल, पांच हजार गोलियां पिडोलफोलट समेत कुल साढ़े 22 हजार नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली गोलियां बरामद की थी। उक्त मामले में पुलिस ने ओंकार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था।

करीब 45 दिन तक ओंकार जेल में रहा। इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने आरोपी के पक्ष में गवाही देकर बताया था कि उससे बरामद की गई दवाइयां प्रतिबंधित नहीं हंै। इसके बाद सरकारी लैब की रिपोर्ट आने पर अदालत ने आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।