ड्रग की हेराफेरी, शहर में सनसनी!

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा से ड्रग को लेकर खबर सामने आई है, जिसनें शहर में सनसनी फैला दी है। वडोदरा में ड्रग की हेराफेरी के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने माता-पुत्र व पुत्रवधू को गिरफ्तार किया है। प्रतिबंधित इंजेक्शनों को उत्तरप्रदेश के फारुखाबाद से कम कीमत पर लाते व वडोदरा में ज्यादा कीमत पर बेचते थे। पूरे मामले की मुख्य सूत्रधार फारुखाबाद निवासी महिला है, जो पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

शहर पुलिस आयुक्त मनोज शशिधर ने कहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में अटलादरा केनाल रोड निवासी नयनाबेन देवेन्द्र पाठक, उनका पुत्र समर्थ पाठक एवं पुत्रवधू मोनाली पाठक शामिल हैं। तीनों वडोदरा में ड्रग का धंधा करते हैं और युवक-युवतियों को नशीले इंजेक्शन बेचकर रुपए कमाते थे। स्थल से एक कार, ७२० प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन (प्रत्येक एक-एक एम.एल. का) व तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

प्रांरभिक पूछताछ में जानकारी मिली कि नयनाबेन पाठक ड्रग लेने के लिए फारुखाबाद गई थी। थैले में पेंटाजोसिन लेकटेक फोर्टवीन के ७२० इंजेक्शन थे। यह ड्रग सायकोट्रोपिक सबटन्सीस की सूची में आता है, जिसकी गैरकानूनी हेराफेरी नहीं कर सकते हैं। डॉक्टर के प्रिस्किप्शन बिना यह ड्रग नहीं दे सकते। बरामद इंजेक्शनों की कीमत ४ हजार १७ रुपए बताई जा रही है। इस खबर के बाहर आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई है।