33 जरूरी दवाओं के दाम तय

सोलन (ह.प्र.)। राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने देश में बिकने वाली 33 जरूरी दवाओं के अधिकतम दाम तय कर दिए हैं। इनमें कैंसर, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, संक्रमण दूर करने में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां शामिल हैं। अब फार्मा कंपनियां इन दवाओं को निर्धारित से ज्यादा दाम पर नहीं बेच पाएंगी। एनपीपीए के अनुसार कैंसर की दवा जैमसिटाबिन का मूल्य अब 1063 रुपये प्रति पैकेट निर्धारित किया गया है। यह दाम 200 एमजी इंजेक्शन के पाउडर के लिए तय किया गया है।

एन एस्टीलीसाइस्टिन दवा का दाम आठ रुपये प्रति एक ग्राम, एंफोट्रीसिन बी लिक्विड पाउडर फॉर इंजेक्शन 50 एमजी प्रति पैकेट 3402.55 रुपये, ग्लिमपाइरिड प्लस मिटफोरमिन टेबलेट की एक टेबलेट का दाम 4.89 रुपये, यूएसवी व ऐसेंट फार्मा द्वारा बनाई जाने वाली इसीटलोप्राम प्लस क्लोनाजिपाम की एक गोली 5.73 रुपये, मैनकाइंड फार्मा द्वारा बनाई जाने वाली सिफट्राक्सोन सोडियम एंड टाजोबेक्टम सोडियम इंजेक्शन का पैक 76.69 रुपये, लूपिन फार्मा की दवा ओलमिसार्टन प्लस एमलोडिपाइन की एक गोली 12.29 रुपये व रोसूवास्तातिन प्लस, एस्प्रिन प्लस क्लोपीडोग्रल कैप्सूल के कंबीनेशन के भी दाम निर्धारित किए गए हैं।

एनपीपीए के सहायक निदेशक बलजीत सिंह का कहना है कुछ कंपनियां इन दवाओं के मनमाने दाम वसूल रही थीं, जिससे मरीजों को इलाज करवाना महंगा पड़ रहा था। दवाओं के निर्धारित किए गए दाम तत्काल प्रभाव से देशभर के बाजार में लागू कर दिए हैं। इसकी जानकारी संबंधित दवा निर्माता कंपनियों व प्रदेश के दवा नियंत्रकों को भी जारी कर दी गई है। अब दवा निर्माता बाजार में तय दामों से अधिक मूल्य पर इन दवाओं को नहीं बेच सकेंगे। एनपीपीए ने आदेश जारी कहा है कि अगर किसी फार्मा कंपनी ने जीएसटी नहीं लगाया है और उन्होंने इसे अदा किया है तो इसमें शामिल कर सकते हैं। साथ ही कंपनी अपने यहां बनने वाली दवाओं के दाम की सूची संबंधित प्रदेश के दवा नियंत्रक को आवश्यक रूप से उपलब्ध करवाएं।