31 जीवनरक्षक दवाओं के सैंपल फेल

सोलन (ह.प्र.)। देशभर में 31 जीवन रक्षक दवाइयों के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश की 10 दवाएं भी शामिल हैं। केन्द्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने ड्रग अलर्ट जारी करते हुए बताया कि कुल 31 दवाओं के सैंपल लैब जांच में फेल मिले हैं। इनमें दिल, बुखार, दर्द, गैस, उल्टी, दांत, सर्दी-जुकाम, शूगर, हड्डियों व कान दर्द इत्यादि की दवाएं शामिल हैं। ड्रग विभाग ने बाजार से इन दवाओं के संबंधित बैच के स्टॉक को रिकॉल किया है ताकि रोगियों को इन दवाओं के सेवन से बचाया जा सके।

बता दें कि सीडीएससीओ हर महीने ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें हिमाचल के उद्योग की दवाओं की संख्या काफी होती है। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 7, मेहतपुर, कालाअम्ब व गगरेट के 1-1 उद्योग के दवा सैंपल फेल पाए गए हैं। प्रदेश में जिन 10 दवाओं के सैंपल फेल मिले हैं, उनमें मैसर्ज मैडीपोल फार्मास्यूटिकल भुड्ड बद्दी की डोक्सीलमाइन सुक्सीनेट का बैच नम्बर टी.डी.एक्स.वाई.-005, मैसर्ज अल्ट्रा ड्रग प्राइवेट लिमिटेड मानपुरा की क्लेवोगार्ड ड्राई सिरप का बैच नम्बर यूबीडी-7030बी, मैसर्ज स्पेन फार्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड मैहतपुर की नेलसाइड का बैच नम्बर टी. 698/16, मैसर्ज एफ्फीन फार्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड की डोमप्रो डी.टी. का बैच नम्बर एफ-टी1107, मैसर्ज अलट्राटेक फार्मास्यूटिकल टिपरा अस्सीफुर-500, मैसर्ज एडविन फार्मा कालाअम्ब की पैरासीन-650 का बैच नम्बर एटी.07-0798, पार्क फार्मास्यूटिकल कालूझिंडा की क्लोरेेक्साडाइन का बैच नम्बर के.आर. 2501, एच.एल. हैल्थकेयर गगरेट की ड्रैक्स्ट्रोमेथोरफन का बैच नम्बर बी.नम्बर एन.एल. 17040, मैसर्ज मेडीपोल फार्मास्यूटिकल भुड्ड की फ्लोकोनाजोल डिसपेरसीबल का बैच नम्बर टी.एफ.एल. 5-004 व अल्ट्राटैक फार्मास्यूटिकल टिपरा की विटामिन बी. का बैच नम्बर यू.एल.टी.-216 का सैंपल फेल मिला है।

राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि प्रदेश में मौजूद उन सभी दवा उद्योगों को नोटिस भेजे हैं जिनकी दवाइयां लैब जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इन सभी उद्योगों से जवाब मांगा गया है और खराब बैच को रिकॉल कर उन्हें नष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मारवाह ने बताया कि प्रदेश में बनी कुछ दवाएं तापमान के बढऩे व कम होने से भी खराब हो जाती हैं। हालांकि इस दिशा में दवा उद्योग मालिकों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।