100 करोड़ का दवा घोटाला!

हिसार। हरियाणा के हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए बड़े घोटाले का खुलासा किया है। आरटीआई से मिली जानकारी को हथियार बनाते हुए सांसद दुष्यंत ने हरियाणा फार्मेसी कांउसिल के चेयरमैन के साथ सीएम व स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधा है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आरटीई में एनएचएम के तहत सभी जिलों से दवा व अन्य उपकरणों की खरीद संबंधी सूचना मांगी थी। आरोप है कि 5 जिलों में दवा, जांच उपकरण नियमों की अवहेलना करते हुए पांच गुना तक रेट पर खरीदे गए हैं। इसमें 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला हुआ। जबकि 17 जिलों ने जानकारी छिपाई है।

मीडिया से मुखातिब हुए सांसद ने बताया कि 22 जिलों की जांच हो तो घोटाला 300 करोड़ का निकलेगा। सीएमओ ने खरीद ऐसी फर्जी एजेंसियों से की जानी दिखाई है, जिनके एड्रेस पर कहीं धोबी की दुकान है तो कोई फर्म किरयाना और ऑयल बेचने के लिए रजिस्टर्ड है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एनएचएम के तहत 1400 करोड़ का बजट था। सरकार ने मंगलवार तक सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए तो वह सभी कागज लेकर सीबीआई के डायरेक्टर से मिलेंगे।

सांसद के अनुसार फतेहाबाद सिविल सर्जन की ओर से फेस मास्क 4.90 रुपए की दर खरीदा, जबकि यही आइटम मात्र 95 पैसे में फतेहाबाद में ही मिल रहा था। यह टेंडर रेट से करीब 5 गुना है। 500 ग्राम कॉटन रोल अपने चहेते आरवीएक्स इंडस्ट्रीज से 140 रुपए की दर खरीदा, जबकि टेंडर रेट पर यह 99 रुपए में खरीदा जा सकता था। 1650 रुपए की दर बीपी एप्परेट्स डीजी टल खरीदे गए। यही आइटम टेंडर रेट पर 780 रुपए में मिल रहा है। शगुन ट्रेडिंग कंपनी से हैंड सेनेटाइजर 400 एमएल 325 रुपए में खरीदा, जिसकी टेंडर के अनुसार कीमत 185 रुपए है।

रोहतक की बात करे तो यहां बिना कमेटी गठित किए हेपेटाइटिस-बी की 3 करोड़ रुपए की दवा 3 महीने में खरीद कर दी। आरटीआई में जो जानकारी दी है, उसमें जो कमेटी दिखाई है, उस पर न तो सीएमओ के हस्ताक्षर हैं और न ही कोई डेट, आफिसर नंबर। यह फर्जी कमेटी बनाई गई।

वहीं हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सोहन लाल कंसल ने कहा कि मेरे पर लगाए आरोप बेबुनियाद है। मेरे बेट के नाम कृष्णा एंटरप्राइजेज फर्म है। मुझे रिटायर हुए काफी समय हो गया। रजिस्ट्रार पद से सरकार ने हटा दिया था। अब कार्यवाहक चेयरमैन बनाया है। कांउसिल का दवा खरीद से कोई लेना-देना नहीं है।