नर्स हड़ताल पर, अस्पतालों पर लगेगा ताला

रोहतक। हरियाणा नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी मांगों की अनदेखी को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन की राज्य प्रधान सुनिता ने कहा कि एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर हरियाणा सरकार को मांग पत्र दिए लेकिन आजतक सरकार ने उन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके विरोध में 2 और 3 अप्रैल को 11 बजे से 1 बजे तक 2 घंटे के लिए पूरे प्रदेश की नर्से हड़ताल पर रहेंगी। उन्होंने कहा कि वो अपनी मांगों को लेकर अस्पतालों का ताला भी बंद कर सकती है। नर्से मरीजों को परेशान नहीं करना चाहती लेकिन सरकार उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। वो शुक्रवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी।

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार अडियल रवैया अपना कर उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। पिछले हफ्ते एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी मंत्रियों को अपने मांगों के ज्ञापन सौंपे थे लेकिन अभी तक उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नर्सों के पांचवें और छठे वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, केंद्र की तर्ज पर 7वां वेतनमान दिया जाए, केंद्र की तर्ज पर 7200 रूपए नर्सिंग अलाउंस तथा 5300 रूपए रिस्क अलाउंस दिया जाए, पदोनिति बनाई जाए, मेवात अलाउंस दिया जाए, उच्च शिक्षा का बैनिफिट दिया जाए, खाली पदो को शीघ्र किया जाए, 2 साल की सेवा काल के बाद नर्सों को स्थाई किया जाए तथा स्टाफ नर्स को डिलीवरी कराने संबंधित प्रोटोकॉल बनाए जाने आदि की मांगे शामिल है।

जिला प्रधान संतोष अहलावत, सचिव सुदेश, कोषाध्यक्ष संतोष मलिक ने कहा कि मोदी सरकार एक तरफ तो नारी सशक्तिकरण का नारा लगा रही है वहीं महिला और नर्सों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से लिखित में समय मांगा है लेकिन आजतक कोई उत्तर नहीं आया है।