दवा सप्लायर से एक लाख रिश्वत लेते मैनेजर को दबोचा

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) के जीएम को एक दवा कारोबारी से एक लाख 15 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के एसपी मनीष शर्मा ने बताया कि आरोपी वीरेंद्र जैन दवाओं के तकनीकी परीक्षण से लेकर वर्क आर्डर जारी करने और भुगतान से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देखता था। वासुदेव इंटरप्राइजेस ने दिसंबर में दो करोड़ की दवा सप्लाई की थी। दवा का पेमेंट अभी तक नहीं मिला था। इंटरप्राइजेस के संचालक आकाश मिश्रा कई बार उससे पेमेंट रिलीज करने के लिए मिल चुके थे। वीरेंद्र जैन कोई न कोई तकनीकी त्रुटि बताकर उनका भुगतान रोक रहा था। पिछले दिनों उसने तीन लाख रिश्वत मांगी। उसकी पहली किश्त के रूप में एक लाख पंद्रह हजार रुपए लेना तय हुआ। आकाश मिश्रा ने रिश्वत के संबंध में एसीबी से शिकायत की। अफसरों ने मैनेजर को रंगे हाथों पकडऩे का प्लान बनाया। गौरतलब है कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पतालों तक दवाओं की सप्लाई सीजीएमएससी के माध्यम से ही की जाती है।

करोड़ों की दवाओं की खरीदी से संबंधित सारे फैसले एजेंसी ही करती है। इसमें ज्यादातर अफसर या तो प्रतिनियुक्ति पर हैं या संविदा पर। वीरेंद्र जैन भी संविदा पर ही नियुक्त था। वीरेंद्र ने पैसे के लिए आकाश मिश्रा को पचपेढ़ीनाका के पास स्थित कलर्स मॉल की पार्किंग में बुलवाया। आकाश ने केमिकल मिलाए हुए पैसे एक लिफाफे में रखे थे। जैसे ही उसने वीरेंद्र को पैसों का लिफाफा दिया, उसी समय थोड़ी दूर पर मौजूद डीएसपी और उनकी टीम ने वीरेंद्र को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।