मेडिकल स्टोर में क्लीनिक चलाने वालों को नोटिस

मीरजापुर। मेडिकल स्टोर और फार्मेसी केंद्रों में क्लीनिक चलाने वालों की खैर नहीं है। विभाग ने करीब डेढ़ दर्जन दवा दुकानों को चिन्हित कर उनको नोटिस सौंपे हैं। सीएमओ कार्यालय ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त को पत्र लिखकर ऐसे मेडिकल स्टोरों के संबंध में रिपोर्ट मांगी हैं। विभाग के इस कदम से उन मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मचा है जो डॉक्टरों को अपने यहां बैठा कर क्लीनिक चला रहे हैं।
गौरतलब है कि जिले में करीब एक हजार मेडिकल स्टोर संचालित हैं। कई मेडिकल स्टोर पर इलाहाबाद और वाराणसी से सप्ताह, पखवारा और माह में एक बार विशेषज्ञ डॉक्टर आते हैं। इन डॉक्टरों के बैठने व मरीजों को देखने की सूचनाएं बाकायदा पंफलेट के जरिए लोगों को दी जाती हैं। मंडलीय अस्पताल में तैनात संविदा के कई चिकित्सक तो प्रतिदिन शाम को मेडिकल के क्लीनिक में बैठकर इलाज करते हैं। मेडिकल स्टोर परिसर में अथवा आसपास में इस तरह क्लीनिक चलाने की अनुमति स्वास्थ्य विभाग से किसी डाक्टर ने नहीं ले रखी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बेलतर, कटरा बाजीराव, बथुआ, डंकीनगंज, लालडिग्गी, मुसफ्फरगंज, टटहाई रोड, वासलीगंज समेत लगभग डेढ़ दर्जन दवा के दुकानदारों को चिन्हित किया है। इनको नोटिस देकर मेडिकल स्टोर पर क्लीनिक संचालन किए जाने के बारे में जवाब मांगा है। डिप्टी सीएमओ डा. मनोज कौशिक ने बताया कि चिन्हित मेडिकल स्टोरों को नोटिस देने के साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त को पत्र भेजा है। मेडिकल स्टोर में डाक्टर को बैठाकर क्लीनिक के तौर पर संचालन करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मेडिकल स्टोर और क्लीनिक के लिए अलग-अलग पंजीयन होता है।