जेनरिक दवा का सैंपल फेल

चंबा। स्थानीय मेडिकल कॉलेज में जेनरिक एंटीबायोटिक दवा एमोक्सीक्रेट का सैंपल जांच में फेल मिला है। जांच रिपोर्ट मिलने पर सीएमओ डॉ. वाईडी शर्मा ने यह दवा मरीजों को बांटने पर तुरंत रोक लगा दी और 20 हजार टेबलेट की खेप वापस भेज दी है। वहीं, संबंधित दवा निर्माता कंपनी से भी जवाब तलब किया गया है। उधर, सरकारी दवा का सैंपल फेल होने से मरीजों और उनके तीमारदारों में हडक़ंप है।

गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में हर माह लाखों की सरकारी दवाओं की खेप आती है। अस्पताल के डॉक्टरों ने इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके चलते मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को दवाओं की जांच करने का जिम्मा सौंपा। ड्रग इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकुर ने कुछ दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज के स्टोर से कुछ सरकारी दवाओं के सैंपल भरे थे। इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा। जांच के दौरान एंटीबायोटिक दवा का सैंपल लैब में फेल मिला। इसकी रिपोर्ट के आधार पर तत्काल अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित दवा को मरीजों को देना बंद कर दिया। दवा निरीक्षक ने सरकारी स्टोर से पिछले माह भी दवाओं के सैंपल भरे थे। उस दौरान भी एक सैंपल फेल हुआ था। इस माह भी एक सैंपल फेल पाया गया है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को ज्यादातर सरकारी सप्लाई से ही दवाइयां खाने को दी जाती हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार राकेश, चंद राम, रोशन लाल, प्रेम लाल, हरी सिंह, योग राज, मनोज और धर्मपाल ने स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि दवा कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी जेनेरिक दवाइयों के ही सैंपल फेल हो जाएं तो मरीज कहां जाएं।