मुफ्त दवा बनी नशा, बढ़ी दवा की खपत

भीनमाल। राजस्थान सरकार ने मरीजों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है, जिसके तहत अब राजकीय अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क दवा योजना शुरू की गई। हालांकि ये भी सामने आ रहा है कि लोगों के लिए निशुल्क दवा नशा बनती जा रही है। अस्पताल में पहुंचने वाले कई लोग दर्द निवारक दवाओं के आदी होने से नशे के रूप में लेने लगे है।

बताया जा रहा है कि नशे के आदी लोग हर दो दिन में अस्पताल पहुंच जाते है। ये लोग निशुल्क दवा काउंटर से दर्द निवारक दवाई ले जाकर उन्हें नशे के रूप में उपयोग ले रहे है। सरकारी अस्पताल में लगातार दर्द निवारक दवाईयों की खपत बढ़ी है। पिछले तीन सालों में यह खपत दस गुना से भी ज्यादा बढ़ी। चिकित्सक दर्द निवारक गोलियों को खुले हाथ से बांट रहे हैं और लोग अब नशे की तरह इसे लेने के आदी हो चुके हैं। दर्द निवारक दवाई के सेवन के आदी होने से लगातार मानसिक रोगियों की तदाद बढ़ती जा रही है। सीएससी प्रभारी डॉ.एमएम जांगिड़ का कहना है कि दर्द निवारक गोलियों के अधिक एवं लगातार सेवन करने से मानसिक रोग व अवसाद बढ़ता है। वहीं लगातार सेवन से ये गोलियां सीधी किडनी व लिवर पर असर करती है।