धरा गया ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’

नई दिल्ली। पुलिस ने राजधानी के एम्स मेें एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी यहां खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के अनुसार बिहार निवासी अदनान खुर्रम बीते छह माह से एम्स में आता-जाता था। दूसरों पर विश्वास जताने के लिए वह एम्स के डॉक्टरों की डायरी भी साथ लेकर घूमता था। आरोपी अदनान फर्जी डॉक्टर बनकर कई लोगों के इलाज करवाकर दूसरी सुविधाएं भी ले चुका है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि डसकी बहन एम्स में भर्ती है और उसका ब्लड कैंसर का इलाज चल रहा है।
अस्पताल में बहन को ज्यादा मदद दिलाने के लिए ही वह फर्जी डॉक्टर बना। उसने अपनी असली पहचान छुपाकर मेडिकल छात्रों, और अस्पताल के कर्मचारियों से नजदीकी बढ़ाई। एम्स डॉक्टर एसोसिएशन ने खुलासा किया कि आरोपी पिछले दिनों डॉक्टरों के कई कार्यक्रमों में शामिल हुआ।  हड़ताल से लेकर मैराथन में भी नजर आया था। आरडीए अध्यक्ष हरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने आरोपी खुर्रम को कैंपस में इधर-उधर घूमते देखा तो शक हुआ। खुर्रम हमेशा लैब कोट पहने, गले में स्टेथोस्कोप लटकाए दिखाई देता था।
एम्स में करीब दो हजार रेजिडेंट डॉक्टर हैं जिन्हें पहचानना मुश्किल काम है। आरोपी इसी का नाजायज फायदा उठाता था। उसे एक मैराथन के दौरान गिरफ्तार किया गया। सीनियर डॉक्टरों के पूछने पर वह अपनी पहचान बताने में नाकाम रहा। तब डॉक्टरों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया है कि सोशल मीडिया पर आरोपी खुर्रम ने लैब कोट पहने अपनी कई तस्वीरें अपलोड कर रखी थीं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।