डेंगू-चिकनगुनिया के खात्मे की दवा बनाई

रांची। मच्छरजनित रोगों डेंगू और चिकनगुनिया के खात्मे के लिए नई दवा ईजाद कर ली गई है। यह दवा बीआईटी मेसरा के वैज्ञानिकों ने बनाई है। इंस्टीट्यूट के बी फार्मा डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. बीएन सिन्हा की टीम ने आठ साल की रिसर्च के बाद इस दवा को तैयार किया है। फिलहाल, इस दवा को टेस्ट के लिए जर्मनी के ल्यूबेक यूनिर्वसिटी का लैब भेजा गया है। यहां सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद इस दवा का इस्तेमाल मरीजों के इलाज में किया जाएगा। बता दें कि डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी के इलाज की आज भी कोई स्पेसिफिक दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस बीमारी को जड़ से खत्म करने में दिक्कतें आ रही हैं।

डेंगू-चिकनगुनिया दवा पर रिसर्च करने वाले प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. बीएन सिन्हा ने बताया कि इंडो-जर्मन प्रोजेक्ट के तहत डेंगू-चिकनगुनिया की दवा पर 2010 से रिसर्च हो रही है। इसके तहत ड्रग के मॉलिक्यूल को डिजाइन किया गया है। ड्रग की डिस्कवरी भी की गई है। अभी तक के रिसर्च में ड्रग के कंपाउंड के असरदायक होने व लैब में टेस्ट के पॉजिटिव रिजल्ट मिले हैं। अब जर्मनी के ल्यूबैक यूनिवर्सिटी के लैब में टेस्टिंग के बाद इसकी बायोलॉजिकल स्क्रिनिंग होगी। डेंगू-चिकनगुनिया की बीमारी ठीक करने के लिए अभी तक कोई भी स्पेसिफिक दवा बाजार में उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर जनरल दवाओं का सहारा लेकर इस बीमारी को ठीक करने की कोशिश करते हंै। इसमें काफी लोगों पर इसका असर नहीं होता है। अगर इस दवा का टेस्टिंग सफल होता है तो मरीजों का इलाज करने में काफी सुविधा हो जाएगी।