अमूल और मदर डेयरी समेत 21 ब्रांडों के दूध के सैंपल फेल

नई दिल्ली। अमूल और मदर डेयरी जैसे प्रसिद्ध ब्रांडों के दूध के 165 सैंपल में से 21 जांच में फेल पाए गए हैं। इस ड्राइव में जांच के लिए शहद के साथ घी के तीन नमूनों को भी लिया गया जिनकी गुणवत्ता में कमी पायी गयी। जिला खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा लिए नमूने प्रयोगशाला जांच में फेल साबित होने पर एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने डाबर इंडिया लिमिटेड पर चार लाख का जुर्माना लगाया है।

जिला अभिहित अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि 16 अक्टूबर 2015 को नॉलेज पार्क तीन स्थित एक स्टोर से खाद्य विभाग की टीम ने डाबर हनी के मून पैक का सैंपल लिया था। यह सैंपल प्रयोगशाला जांच में मानकों पर खरा नहीं उतर सका। यह पैक डाबर इंडिया लिमिटेड मलकपुर बद्दी सोलन हिमाचल प्रदेश में बना था। गौरतलब है कि राजधानी में दूध में मिलावट हो रही है। दिल्ली सरकार द्वारा दूध व घी के नमूनों की कराई गई जांच में यह बात सामने आई है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों से जांच के लिए उठाए गए 165 नमूनों में से 21 गुणवत्ता मानकों पर फेल हो गए। पानी व दूध पाउडर की मिलावट पाई गई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अमूल व मदर डेयरी के दूध के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में कोई भी सैंपल इस्तेमाल के लिए असुरक्षित नहीं मिला, लेकिन उनमें वसा व अन्य जरूरी पोषक तत्व तय मानकों से कम मात्रा में पाए गए। इस मामले में दिल्ली सरकार ने मुकदमा दर्ज करने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने घी के नमूने भी उठाए। शुरुआती रिपोर्ट में उसमें भी मिलावट की बात समाने आई है, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मिलावट के मद्देनजर सरकार ने दूध से बने सभी उत्पादों के नमूने जांच के लिए उठाने के आदेश दिए हैं। दूध की गुणवत्ता खराब होने के मामलों में दोषियों पर 5000 से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यदि खाद्य वस्तु में ऐसा मिलावट हो जो स्वास्थ्य के लिए हानिकार हो तो ऐसी स्थिति में छह माह से तीन साल तक की जेल हो सकती है। मदर डेयरी ने बयान जारी कर कहा है कि दूध के नमूनों की जांच रिपोर्ट सरकार से हमें अब तक नहीं मिली है। इसलिए इस मामले पर ज्यादा कुछ कहना मुश्किल है। फिर भी हम यह कह सकते हैं कि चार स्तरों पर गुणवत्ता मानकों की जांच के बाद दूध उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। इसलिए दूध की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाता है। हाल ही में मदर डेयरी के पॉली पैक दूध को तय मानकों के पूरा पालन के लिए क्वालिटी मार्क प्रमाण पत्र मिला है।