ड्रग ट्रायल मामला दबाने के लिए पीड़ितों को पैसों का लालच

सीकर। जयपुर के मालपाणी हॉस्पिटल में ढिगारिया के युवकों को हाजमे की गोली बताकर ट्रायल दवा देने का मामला दबाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसके लिए पीडि़त युवकों को 10-10 हजार रुपए देकर उनसे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहने का शपथ पत्र लिखवाया जा रहा है। दवा से प्रभावित ढिगारिया के सोहनलाल ने बताया कि दवा लेने के बाद गांव के 19 युवकों की तबीयत खराब हुई थी। इनमें से गांव के कुछ युवकों के स्वास्थ्य में अभी भी पूरी तरह सुधार नहीं हुआ है। सोहनलाल ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ न्याय पाने के लिए पूरा संघर्ष करेगा। इस मामले में न्याय दिलवाने व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उक्त सभी युवक चूरू में कलेक्टर व एसपी से मिले थे। युवकों ने कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन देकर पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाया और न्याय की गुहार की।
गौरतलब है कि ढिगारिया गांव के युवकों को 500 रुपए प्रतिदिन के मानदेय का कहकर जयपुर के मालपाणी अस्पताल बुलाया गया था। मुख्य आरोपी शेरसिंह तीन महीने से बेरोजगार था। पलसाना में रहने वाले उसके साले भूरसिंह ने उसे बताया कि जयपुर के हॉस्पिटल में मरीजों के काम के लिए 15 से 20 आदमी चाहिए। इसके बाद वह अपने गांव डिगारिया व पलास से 19 और पलसाना से चार लोगों के साथ जयपुर पहुंचा। जहां उन्हें खाना खाने के बाद हाजमे की गोली बताकर टेबलेट दी गई, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। वहीं, ट्रायल दवा दिए जाने सेे प्रभावित भागुराम मेघवाल निवासी ढिगारिया रोही को तबीयत बिगडऩे पर सांडवा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। माडूराम मेघवाल ने बताया कि उसके बेटे को कई दिनों से छाती व पेट में दर्द की शिकायत हो रही थी। तब उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉ. अजय ढाका ने बताया कि युवक का उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने की स्थिति में युवक को बीकानेर या बड़े अस्पताल रैफर किया जा सकता है। युवक की करवाई गई जांच में खून में इंफेक्शन है और बीपी भी कम आ रहा है।