मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई

इंदौर। प्रतिबंध के बावजूद नशे की गोलियां बेचने के मामले में ड्रग्स लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने चार मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं। पुलिस ने नशे की गोलियां बेचने के आरोप में पहले तीन मेडिकल स्टोर संचालकों को पकड़ा था। बाद में एक अन्य मेडिकल स्टोर भी मामले में संलिप्त मिला। गौरतलब है कि चंदन नगर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए तीन मेडिकल स्टोर्स के संचालक व एक तस्कर को गिरफ्तार कर उनके पास से हजारों गोलियां जब्त की थीं। पुलिस ने पूजा मेडिकल स्टोर्स के पवन, निशा मेडिकल के फारुख व काशिम मेडिकल के वसीम को गिरफ्तार किया तो पता चला कि वे आदेश के बाद भी खुले में प्रतिबंधित नशे की गोलियां बेचकर मुनाफा कमा रहे थे।

खाद्य व औषधि विभाग की टीम ने गिरफ्तारी की तो दवा विक्रेताओं में हडक़ंप मच गया। इस गिरोह के पकडऩे के बाद चंदन नगर पुलिस ने एक के बाद एक खुलासा करते हुए कई आरोपियों को पकड़ा और करीब चार लाख नशे की गोलियां जब्त की। गिरोह से तार जुड़े होने पर खरगोन के मेडिकल स्टोर्स संचालक के साथ ही आगरा के भी दो मेडिकल स्टोर्स संचालक, ग्वालियर के व्यापारियों को पकड़ा था। पुलिस जांच में पता चला कि अधिकांश स्थानों पर फायदे के लिए मेडिकल स्टोर्स संचालक ही गुंडों व युवाओं को नशे की गोलियां बेच रहे हैं।

शुरुआत में मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस निरस्त करने के मामले में खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग ने पुलिस रिपोर्ट नहीं मिलने का हवाला देकर कार्रवाई में देरी की थी। ड्रग इंस्पेक्टर अशोक गोयल के मुताबिक नारकोटिक्स श्रेणी की औषधि की अवैध विक्रय के चलते ड्रग्स लाइसेंस अथारिटी ने न्यू पूजा मेडिकल स्टोर्स परिहार कॉलोनी, रौनक केमिस्ट नंदननगर नगर, काशिम केमिस्ट एवं निशा केमिस्ट चंदन नगर के मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। चारों मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंध के बाद भी खुले में नशे की गोलियां बेचने का आरोप था।

गोयल के मुताबिक जिन मेडिकल स्टोर्स के संचालकों को पुलिस ने पकड़ा था, उनके जेल में होने से नोटिस का जवाब नहीं मिल रहा था। बाद में उनकी ओर से दूसरों ने जवाब दिया। पुलिस ने निशा मेडिकल स्टोर्स के फारुख को पकड़ा था। ड्रग विभाग की जांच में पता चला कि निशा मेडिकल का लाइसेंस फारुख के भाई इफ्तखार के नाम से है, लेकिन उसे फारुख चला रहा था। इसी तरह रौनक मेडिकल का लाइसेंस फारुख के नाम है, लेकिन उसे इफ्तखार चला रहा था। इसलिए दोनों के लाइसेंस निरस्त कर दिए।