रोबोट ने किया ट्यूमर का ऑपरेशन 

नई दिल्ली। पहली बार रोबोटिक सर्जरी की मदद से मुंह के रास्ते मरीज के गर्दन से दुर्लभ किस्म का ट्यूमर हटाया गया है। इस सर्जरी को भारतीय मूल के डॉक्टर नील मलहोत्रा की अगुवाई वाली टीम ने वाशिंगटन में अंजाम दिया है। 27 साल के नोआ पेरनिकोफ का 2016 में कार एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद हुई जांच में पता चला कि वे क्रोडोमा नाम के एक दुर्लभ कैंसर से जूझ रहे हैं। सामान्य सर्जरी से इसका ट्यूमर हटाना मुमकिन नहीं था। फिर रोबोटिक सर्जरी का फैसला लिया गया। इस तरह कार एक्सीडेंट नोआ के लिए जान बचाने वाला साबित हुआ। ऐसा इसलिए क्योंकि, इससे उनका कैंसर प्रारंभिक अवस्था में पकड़ में आ गया।
क्रोडोमा कैंसर हर साल 10 लाख लोगों में से एक को होता है। ट्यूमर हटाने के लिए जिस रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल किया गया उसे ट्रांस ओरल रोबोटिक सर्जरी (टोर्स) कहा जाता है। यह तकनीक मुंह और गले के ट्यूमर को कम से कम चीरफाड़ के साथ हटाने के लिए इस्तेमाल होती है। क्रोडोमा कैंसर के लिए इसका पहली बार इस्तेमाल हुआ है। इसके जरिए डॉक्टरों ने मुंह के जरिए मरीज की गर्दन की हड्डी से ट्यूमर हटाया। हड्डी का कुछ हिस्सा भी हटाया गया जिसे मरीज के कूल्हे की हड्डी से भरा गया। सर्जरी के नौ महीने के बाद नोआ काम पर भी लौट आए।