अवैध रूप से गर्भपात करने पर दो अस्पताल सीज

अलवर। सीएमएचओ ने छापामार कर अवैध रूप से गर्भपात करने वाले दो निजी अस्पतालों को सीज कर दिया। रेड के दौरान इन अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में डॉक्टर भी नहीं मिले। वहां एमटीपी के उपकरण पाए गए। इनका उपयोग अवैध रूप से गर्भपात के लिए किया जाता था। जांच के लिए इन्हें सीज कर दिया गया है। जीवनधारा हॉस्पिटल से ओपीडी, आईपीडी और लेबर रूम की पर्ची सहित अन्य रिकार्ड जब्त किया है जबकि, देव हॉस्पिटल में कोई रिकार्ड ही नहीं था। हॉस्पिटल संचालक ने रिकार्ड नहीं होने का शपथपत्र दिया है। सीएमएचओ डॉ. अग्रवाल ने बताया कि रणजीत नगर स्थित देव हॉस्पिटल में कार्रवाई के दौरान बिना डॉक्टर के ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम और लैब मिली। यहां भर्ती के लिए बैड भी मिले।
हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर नहीं मिला और न ही किसी डॉक्टर के सहमति पत्र मिले। हॉस्पिटल में अवैध रूप से मरीजों का इलाज तो किया जाता रहा है, लेकिन किसी भी मरीज और डिलीवरी का ओपीडी व आईपीडी का रिकार्ड नहीं मिला। हॉस्पिटल में गर्भपात करने के उपकरण भी मिले, जिन्हें सीज कर दिया है। संचालक डॉ. राजेश मलिक ने हॉस्पिटल में मरीजों का रिकार्ड नहीं होने का शपथ पत्र दिया है। इससे प्रथम दृष्टया पता चलता है कि हॉस्पिटल बिना डॉक्टरों के ही चलाया जा रहा है। हॉस्पिटल में ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम सहित वार्ड और आईपीडी, ओपीडी व लेबर रूम की पर्ची भी सीज कर दी गई हैं। हॉस्पिटल संचालक राजकुमारी सुलानिया ने पहले जांच के दौरान दिए नोटिस का भी जवाब नहीं दिया था।
जीवनधारा हॉस्पिटल में संचालित मेडिकल स्टोर का रिकार्ड जब्त किया गया है। मेडिकल स्टोर में मिली दवाओं व रिकार्ड की जांच औषधि नियंत्रण अधिकारी कर रहे हैं। वे यह भी जांच करेंगे कि मेडिकल स्टोर से बेची गई दवा किस डॉक्टर के पर्चे से मरीजों को दी गई। इसी प्रकार देव हॉस्पिटल में बिना लाइसेंस मिली इलेक्ट्रोपैथी और एलोपैथी की दवाएं जब्त की गई हैं। इसकी जांच भी औषधि नियंत्रण अधिकारी कर रहे हैं। एमटीपी (गर्भपात केन्द्र) सेंटर का रजिस्ट्रेशन अब सीएमएचओ की अध्यक्षता वाली कमेटी जारी करेगी। कमेटी में सीएमएचओ डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल, पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर गफूर खान, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना माथुर, आईएमए प्रतिनिधि डॉ. आरपी गुप्ता, एनजीओ प्रतिनिधि अशोक मित्तल एवं जिला परिषद या पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं।