फार्मा उद्योगों के लाइसेंस कैंसिल

सोलन। ड्रग विभाग ने 5 दवा उद्योगों का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। साथ ही इन उद्योगों में उत्पादन बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, सात अन्य उद्योगों को चेतावनी देकर छोड दिया है, जबकि 9 उद्योगों के खिलाफ अभी जांच चल रही है। इन सभी उद्योगों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। विभाग की इस कार्रवाई से उद्योगों में हडक़ंप मच गया है। जिन पांच उद्योगों के लाइसेंस निलंबित हुए हंै उनमें तीन बी.बी.एन., एक-एक बड़ोग व संसारपुर टैरेस का है। आदेशों में कहा गया है कि इन उद्योगों को ड्रग एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट के तहत तय किए गए सभी मानकों को पूरा करना होगा। जब तक ये उद्योग निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, तब तक इनमें उत्पादन बंद रहेगा।
गौरतलब है कि ड्रग विभाग ने प्रदेश में बन रही दवाओं के सैंपलों फेल मिलने के मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग ने पिछले 2-3 महीनों में जिन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनका औचक निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार विभाग के निरीक्षकों ने ऐेसे 21 उद्योगों का निरीक्षण किया। इनमें से 5 उद्योगों में कई प्रकार की खामियां पाई गईं। इसे देखते हुए विभाग ने इन उद्योगों के लाइसेंस निलंबित कर उत्पादन बंद करने के आदेश जारी कर दिए। इन उद्योगों में दवा उत्पादन की बहाली तब नहीं होगी, जब तक यह उद्योग निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरेंगे। इसकी पुष्टि करते हुए राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए एक इंटेलीजेंस सैल का गठन किया है।
पांच दवा उद्योगों के लाइसेंस निलंबित कर इनमेंं उत्पादन बंद करवा दिया है। ड्रग विभाग उन सभी दवा उद्योगों का निरीक्षण कर रहा है जिनके पिछले अढ़ाई महीनों में सैंपल फेल हुए हैं।  इसके अलावा सोलन, बी.बी.एन. व जिला सिरमौर के 7 उद्योग खामियों को दूर कर विभाग की कार्रवाई से बचने में कामयाब रहे। हालांकि विभाग ने इन 7 उद्योगों को ड्रग एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट के तहत सभी खामियों को दूर करने के निर्देश जारी किए हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इन उद्योगों के लाइसैंस भी निलंबित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त 9 उद्योगों का ड्रग निरीक्षक द्वारा निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इन उद्योगों में भी कई खामियां पाई गई हैं लेकिन निरीक्षक की रिपोर्ट समिट होने पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।