फार्मासिस्ट फाउंडेशन टीम की कार्यप्रणाली पर संदेह

अम्बाला। ड्रग्स इंस्पेक्टर के पंचकूला स्थित कार्यालय में रिकॉर्ड खंगालने आ रही फार्मासिस्ट फाउंडेशन टीम हरियाणा की जानकारी मिली तो नजदीक से सारी कार्यप्रणाली स्वयं देखने की गरज से टीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय भारती से फोन पर सम्पर्क साधा। टीम को रमा राजपूत लीड कर रही थी। टीम में स्वयं को डॉक्टर बताने वाले फार्मासिस्ट रजनीश कुशवाहा भी थे। उन्होंने बताया कि वे हरियाणा राज्य औषधि नियंत्रक, कमिश्नर एफडीए, ड्रग्स इंस्पेक्टर पंचकूला, फार्मेसी कॉउंसिल के कार्यालय का रिकॉर्ड छानेंगे। कमिश्नर तथा राज्य औषधि नियंत्रक पूर्व निर्धारित आवश्यक बैठकों के चलते अपने केबिन में नहीं मिल पाए। एसपीआईओ अपने कार्यालय में मिले।
टीम ने एसपीआईओ को अपना परिचय देते हुए कहा कि वे नामित राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और झारखण्ड के बोकारो से ताल्लुक रखते हैं। एसपीआईओ ने झारखण्ड के ड्रग्स ऑफिसर सुमित तिवारी का नाम लिया तो विनय भारती ने दबंगता से कहा कि वे और तिवारी एक ही गाँव से हैं। भारती को कण भर भी अहसास नहीं था कि वह हरियाणा के बेस्ट इंटेलिजेंट ऑफीसर एसिस्टेन्ट स्टेट ड्रग्स कण्ट्रोलर ललित गोयल के सामने बैठे हैं। ललित गोयल ने तुरंत सुमित तिवारी को फोन लगाया। जब विनय भारती के बारे में पूछा तो उन्होंनेे भारती के नाम से अनभिज्ञता दर्शाई। विनय भारती ने मामले की नजाकत को भांपते हुए गोयल से कहा कि आप मेरे शहर के अधिकारी के मित्र हैं, आपसे निवेदन है कि आप अपने अधीनस्थ अधिकरियों को सख्त कार्यवाही की हिदायते दें। इसके बाद वे अगले पड़ाव हरियाणा स्टेट फार्मेसी कॉउंसिल की तरफ चल पड़े।
कॉउंसिल कार्यालय में चेयरमैन एसएल कंसल व रजिस्ट्रार अरुण पराशर से मुलाकात हुई। चर्चा के दौरान विनय भारती ने कंसल को उनकी ऑनलाइन प्रणाली बहुत बढिय़ा बताते हुए कहा कि इसका कॉन्ट्रेक्ट मांगा। इस पर काउंसिल के पदाधिकारी असमंजस की स्थिति में पड़ गए। इस बारे स्पष्टीकरण देते हुए रजिस्ट्रार ने कहा कि इस बारे में जनरल बॉडी की मीटिंग में ही फैसला लिया जा सकेगा। इसके बाद भारती ने फार्मासिस्ट रमा को कॉउंसिल में बैठने देने की जिज्ञासा बतलाई ताकि वे फाइलें निपटवा कर आम फार्मासिस्टों की समस्या दूर कर सकें। इस पर चेयरमैन ने कहा कि यदि किसी फार्मासिस्ट की समस्या आपके संज्ञान में आती है तो हमें बताएं। समय रहते उसकी समस्या का हल निकल आएगा। इसके बाद विनय भारती अपनी टीम सहित अगले पड़ाव ड्रग कंट्रोल ऑफिस पंचकूला पहुंचे। विनय भारती चर्चा के दौरान ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर पर पूर्ण दबाव बनाने की कोशिश करते रहे परंतु डीसीओ किसी भी अनुचित दबाव के प्रभाव में नहीं आए। शाम को विनय भारती ने फेसबुक पर जानकारी दी की उन्हें अधिकारियों ने खूब अच्छे से जानकारी उपलब्ध करवाई।
विनय भारती द्वारा एफडीए महाराष्ट्र के पूर्व कमिश्नर महेश झगड़े द्वारा सेवानिवृत्ति होने के पश्चात विनय भारती की टीम ज्वाइन करने बारे महेश को फोन लगाया तो उन्होंने विनय भारती की अगुवाई वाली टीम में किसी भी सूरत में ज्वाइन करने की बात को नकार दिया। उनके शब्दों मेें विनय भारती कोई अच्छी छवि का व्यक्ति नहीं था। आखिर हुआ भी वही। विनय भारती ने फेसबुक पर रजनीश कुशवाहा सेे फार्मेसी कौंसिल तथा ड्रग कंट्रोल ऑफिसर के बारे में अटपटी बातें लिखकर स्वयं की मानसिकता का प्रमाण दे दिया। उन्होंने लिखा कि फार्मेसी कौंसिल को हमने आदेश दिए.. उनका बैंक अकाउंट चेक किया… ड्रग कंट्रोल ऑफिसर के ऑफिस से काफी रिकॉर्ड लिया, जोकि सत्यता से परे था।  स्वयं को फार्मेसी फाउंडेशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाले विनय भारती अपने संगठन में कुल सदस्यों की संख्या, संगठन के खर्च का स्रोत सही तरीके से नहीं बता पाए। ऐसे में उनकी हवाई यात्रा, राज्यों में घूमना-फिरना आदि खर्च किस जायज तरीके से हो रहा है, यह समझ से परे है ।