जांच में फेल मिले हर्बल फैक्ट्री के सैंपल 

मोगा (पंजाब)। जेपी हर्बल फार्मेसी आयुर्वेदिक फैक्ट्री से लिए गए दवाओं के सैंपल फेल मिले हैं। जांच रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि आयुर्वेदिक दवा की आड़ में एलोपेथिक दवाइयां मिलाकर बेची जा रही हैं। ड्रग विभाग ने फैक्ट्री मालिक तथा उनके बेटे के खिलाफ अदालत में केस दायर करने के लिए उच्चधिकारियों को लिखा है।
 ड्रग इंस्पेक्टर सोनिया गुप्ता के अनुसार करीब दो माह पहले मजिस्टिक रोड पर स्थित जेपी हर्बल फार्मेसी आयुर्वेदिक फैक्ट्री में तीन जिलों की एसटीएफ ने दबिश दी थी। इस दौरान एसटीएफ ने स्थानीय ड्रग और आयुर्वेदिक विभाग की टीम को बुलाकर फैक्ट्री में रखे गए रॉ मैटेरियल की सैंपलिंंग करवाकर पाउडर के कई ड्रमों को सील कर दिया था। सैंपलिंग की रिपोर्ट के अनुसार आयुर्वेदिक पाउडर में एलोपैथिक मेडिसन पाई गई है। जल्द ही फैक्ट्री संचालक और मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि अभी ड्रग विभाग द्वारा की गई सैंपलिंग की ही रिपोर्ट आई है, जबकि आयुर्वेदिक विभाग की ओर से की गई सैंपलिंग की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। ड्रग विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आयुर्वेदिक पाउडर में स्टीरॉयड पाया गया है, जोकि इंसान के लिए काफी नुकसानदायक है।
वहीं रिपोर्ट में सिंथेटिक ड्रग संबंधी भी लिखा हुआ है। माना जा रहा है कि सिंथेटिक ड्रग में एलोपेथिक पेन किलर गोलियों समेत अन्य कई पाबंदीशुदा दवाइयां मिली हो सकती हैं। बता दें कि जेपी हर्बल फार्मेसी फैक्ट्री में वर्ष 2010 में भी सीबीआई ने सूचना के आधार पर दबिश देकर कई प्रकार की दवाइयां बरामद की थी। साल 2015 में उक्त केस को मोहाली ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसमें फैक्ट्री की वर्कर किरन बाला को तीन साल की सजा हुई थी। इस दौरान फैक्ट्री मालिक बीमारी का शिकार हो गया था, जिसके चलते उसके परिवार ने अदालत में याचिका दायर कर केस को सस्पेंड करवा दिया था। सीबीआई ने उक्त फैक्ट्री के लाइसेंस को जब्त कर लिया था, तब से यह फैक्ट्री बंद पड़ी थी।