हरियाणा के 140 डॉक्टर लापता !

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज की कमी में तड़प रहे हैं, उधर डॉक्टर विदेशों में मौज लूट रहे हैं। सरकारी आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि 140 वरिष्ठ डॉक्टरों का कहीं अता-पता नहीं है। उनकी छुट्टी का कोई जिक्र नहीं है। सूत्र बताते हैं कि ये डॉक्टर विदेश में हैं। मनोहर लाल सरकार ने ऐसे बेलगाम डॉक्टरों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। जो बिना जानकारी लंबे समय से डयूटी से गैरहाजिर चल रहे हैं, उनकी सेवाएं समाप्त की जाएंगी। इसके अलावा, भविष्य में विदेश दौरे पर भी डॉक्टर मनमाने तरीके से नहीं जा सकेंगे।
सरकार डॉक्टरों के बढ़ते विदेश दौरों को रोकने के लिए नई नीति बनाने जा रही है। इसमें यह प्रावधान किया जाएगा कि साल में कुल डॉक्टरों का मात्र दो फीसदी डॉक्टर ही विदेश दौरे पर स्टडी टूर या पारिवारिक कार्य के लिए जा सकेंगे। अभी प्रदेश में 2900 विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें लगभग पौने चार सौ एसएमओ और लगभग पचास सीएमओ हैं।
वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों ने भी बड़े पैमाने पर विदेश दौरों के लिए सरकार को आवेदन किया हुआ है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हरकत में आ गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरआर जोवेल को पत्र लिखा है कि डॉक्टरों विदेश दौरों को लेकर जल्दी नीति बनाई जाए। जिससे कि डॉक्टर जरूरी कार्य के लिए ही विदेश जा सकें। चूंकि, विशेषज्ञ डॉक्टरों के विदेश दौरों पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को विदेश दौरों के लिए खुली छूट नहीं दे सकते। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जो डॉक्टर बिना बताए गैरहाजिर हैं, उन पर जल्दी कड़ी कार्रवाई होगी। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 600 विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी चल रही है। साठ से अधिक पीएचसी बिना डॉक्टरों के हैं। लगभग आधा दर्जन ट्रामा सेंटर, 120 सीएचसी, पांच सौ उप स्वास्थ्य केंद्र और 2600 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी है। इससे मरीजों को घर-द्वार और समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।