दवा विक्रेताओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

अम्बाला। दवा विक्रेताओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे नागपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पद ग्रहण समारोह में उपस्थित हुए। वहां 4500 केमिस्टों में से 1800 उपस्थिति वाले दवा विक्रेताओं के समूह को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि ई फार्मेसी का प्रचलन दवा विक्रेताओं के लिए घातक है। इस प्रणाली से दवा विक्रेताओं के भविष्य पर सवालिया निशान लग जाता है। सरकार इसे अविलंब रोकने के लिए अध्यादेश जारी करे जिसका सदन में मौजूद दवा विक्रेताओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट से स्वागत किया, वहीं कुछ चौकन्ने दवा विक्रेताओं ने महसूस किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जहां एक ओर फॉर्मेशन के वेब पोर्टल का स्वयं उद्घाटन करते हैं, वहीं दवा विक्रेताओं के सामने ई फार्मेसी का विरोध करते हैं।
उनकी इस कार्यप्रणाली के चलते दवा विक्रेताओं में विरोधी स्वर गूंजने लगे कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ‘जैसा देश वैसा भेष- जैसा मौका वैसा चौका की’ कार्यप्रणाली पर कार्य कर रहे हैं। किसी के मुंह पर कुछ और किसी के मुंह पर कुछ के शब्दजाल व कार्यप्रणाली अपनाकर दवा विक्रेताओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। वह दवा विक्रेताओं के नेता हैं। उन्हें दवा विक्रेताओं का भविष्य सुरक्षित करना है या उनके भविष्य को धूमिल कर उनके ठोस प्रतिद्वंद्वी खड़ा करना है। नागपुर केमिस्ट एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित पत्रकार बंधुओं ने जब राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा तो शिंदे कोई जवाब नहीं दे पाए, जिस पर उनके दवा विक्रेताओं के प्रति जागरूक होने के बारे संशय पैदा हो जाता है।