कैंसर की नई दवा से ऑटिज्म का खतरा होगा कम  

नई दिल्ली। कैंसर एक जानलेवा बीमारी है और ऑटिज्म मानसिक और शारीरिक विकार से जुड़ी बीमारी है। हालांकि, इन दोनों रोगों में कोई संबंध नहीं है, मगर एक नए शोध में विचित्र संयोग देखने को मिला है।
विशेषज्ञ कैंसर के लिए एक ऐसी दवा विकसित करने के करीब हैं, जो ऑटिज्म के लक्षणों को भी आगे बढऩे से रोकेगी। अभी इस दवा का नाम तय नहीं किया गया है। यह दवा ईआरके2 प्रोटीन को दिमाग तक पहुंचने से रोकेगी, जो ऑटिज्म के लक्षणों के लिए जिम्मेदार होता है। इस दवा का परीक्षण अभी चूहों पर किया गया है। परीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने देखा कि गर्भवती चूहों में दवा के इस्तेमाल से उसके बच्चों को ऑटिज्म का शिकार होने से बचाने में मदद मिली। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस दवा के इस्तेमाल से ऑटिज्म के साथ जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं में इसके असर को कम करने में मदद मिलेगी।
प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर रिकार्डो ब्रामबिला का कहना है कि इस दवा के जरिये जन्म के साथ ही ऑटिज्म का पता चलने पर उनका इलाज शुरू किया जा सकता है। इससे उनमें इस विकार के असर को उलटा भी किया जा सकता है।