हर महीने 20 मेडिकल स्टोर की जांच

अलवर। अब औषधि नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) हर महीने 20 होलसेल एवं रिटेल दवा दुकानों की जांच करेंगे। इसमें नए लाइसेंस के निरीक्षण शामिल नहीं किए जाएंगे। डीसीओ ऐसे प्रतिष्ठानों का निरीक्षण प्राथमिकता से करेंगे, जिनके पिछले तीन साल में निरीक्षण नहीं हुए हैं। निरीक्षण चक्र पूरा होने के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश एवं शिकायत मिलने पर ही किसी प्रतिष्ठान का फिर से निरीक्षण किया जा सकेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में औषधि नियंत्रण संगठन की कार्यप्रणाली एवं कार्य व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के बाद शासन उप सचिव ने इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट किया है कि दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के खुलने के सामान्य समय में ही निरीक्षण किए जाएंगे। हालांकि विशेष परिस्थितियों में उच्च अधिकारियों की अनुमति से निरीक्षण हो सकेंगे।
डीसीओ हर निरीक्षण में यह तय करेंगे कि औषधियों का संग्रहण, क्रय-विक्रय एवं वितरण अधिकृत फार्मासिस्ट या उसके व्यक्तिगत पर्यवेक्षण में हो रहा है। दवा दुकानों पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट या सक्षम व्यक्ति की अनुपस्थिति में अनधिकृत व्यक्ति की ओर से क्रय विक्रय होने पर डीसीओ निरीक्षण रिपोर्ट में दर्ज करेंगे और संबंधित प्रतिलिपि रिकार्ड में लेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक औषधि विक्रेता की ओर से एनडीपीएस, अनुसूची-एच एवं अनुसूची एच-1 औषधियों का विवरण रखा जा रहा है। रिटेल विक्रेता की ओर से अनुसूची एच1 एवं एंटी टीबी औषधियों के लिए निर्धारित प्रोफार्मा में रजिस्टर संधारित किया जा रहा है। इनमें अनियमितता मिलने पर कार्रवाई के लिए सहायक औषधि नियंत्रक को रिपोर्ट देंगे।