एप से घर बैठे होगा डायबिटीज और बीपी का इलाज 

रोहतक। इंडोनेशिया के बाद अब भारत में भी मोबाइल हेल्थ एप्लीकेशन सिस्टम (एम हेल्थ) से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को पहचान कर इलाज दिया जा सकेगा। इसमें मरीज को डॉक्टर के पास जाने की बजाए मोबाइल हेल्थ एप्लीकेशन पर ही इलाज के बारे में बताया जाएगा।
आस्ट्रेलिया के द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फोर ग्लोबल हेल्थ ने हेल्थ यूनिवर्सिटी रोहतक की टीम के साथ स्मार्ट हेल्थ एक्सटेंड पायलट प्रोजेक्ट के तहत रिसर्च शुरू कर दी है। जॉर्ज इंस्टीट्यूट ने मोबाइल हेल्थ नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है। इसके माध्यम से बीपी, शुगर के मरीज की पूरी डिटेल लेकर उसे डॉक्टर की ओर से एप्लीकेशन पर ही उपचार व परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए मरीज को बार-बार डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा।
रिसर्च पूरी होने के बाद मोबाइल हेल्थ एप को आमजन के लिए जारी कर दिया जाएगा। सार्वजनिक रूप से जारी होने के बाद यह एप प्ले स्टोर सहित अन्य मोबाइल फीचर से डाउनलोड की जा सकेगी। जॉर्ज इंस्टीट्यूट व रोहतक पीजीआई की टीम की तरफ से रोहतक में 800 शुगर रोगियों पर रिसर्च की जाएगी। इसमें एक आशा वर्कर 100 लोगों की डिटेल लेकर मोबाइल हेल्थ एप्लीकेशन के जरिए इंस्टीट्यूट के सर्वर पर अपलोड करेगी। इसके बाद सर्वर पर डॉक्टर रिपोर्ट पढऩे के बाद मरीज का उपचार शुरू करेंगे।