अस्पताल में इंसान के साथ इंसानियत की ‘घिनौनी’ हत्या

  • सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाकर मरीजों से मनमानी कर रहे प्राइवेट अस्पताल
  • प्रशासन और सरकार की लापरवाहियां बन रही मरीजों की मौत का कारण
गुरुग्राम: गुरुग्राम जिले के अभयपुर गांव के 19 वर्षीय जितेंद्र को कावड़ लाते समय महरौली- गुरुग्राम रोड  (गुडग़ांव) पर एक्सिडेंट होने के कारण नजदीक मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था । सिर मे गंभीर चोट लगने के कारण जितेंद्र जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था परंतु मैक्स हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉक्टरों को बिल्कुल रहम नही आया। परिजनों को बोला गया कि पहले 2 लाख रुपये जमा कराओ, तब सिर का ऑपरेशन होगा। परिजनों ने मिन्नतें की, पर एक नहीं सुनी। आनन-फानन में मरीज के भाई हॉस्पिटल से लगभग 30 किमी दूर अपने गांव अभयपुर गए औरजैसे-तैसे 2 लाख रुपये एकत्रित किए । पैसे जमा कराने के बाद भी मुख्य डॉक्टर समय पर नहीं पहुचे।
जितेंद्र की हालत नाजुक होती चली गई । लगभग 5-6 घंटे बीत जाने के बाद सांयकाल करीब सवा चार बजे जितेंद्र का ऑपरेशन किया गया परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जितेंद्र ब्रेन डैड घोषित कर दिया गया। इतना सबकुछ करने के बाद भी मैक्स हॉस्पिटल वालों ने 4 लाख 9 हजार 448 रुपये भारी भरकम बिल बना दिया। बिल देखकर परिजनों के होश उड गए और बिल मे फिजूल के चार्ज काटने का आग्रह किया।
गुडग़ांव के पार्षद महेश दायमा तथा धर्मेंद्र खटाना भी गांव वालों के कहने पर हॉस्पिटल आए। परंतु मैक्स हॉस्पिटल प्रबंधन ने कोई परवाह नहीं की। साफ-साफ कहा कि बकाया 2 लाख रू दो ओर मरीज ले जाओ। उसी समय गांव के युवाओं ने इस घटना से मोहित खटाना को अवगत कराया जोकि प्राईवेट हॉस्पिटलो मे पारदर्शिता के नियमों हेतु अपनी टीम के साथ पिछले कई महीनों से अभियान चला रहे हैं। भारी पुलिस बल हॉस्पिटल में तैनात हो चुका था।
मोहित अस्पताल पहुंचे और गांव वालों मामला समझने के बाद मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरो की टीम से दो प्रश्न पूछे कि जितेंद्र की भर्ती किस समय की गई थी और ऑपरेशन किस समय किया गया था? जवाब मिला कि मरीज सुबह 10:30 बजे भर्ती किया गया था और ऑपरेशन लगभग 4 बजे और तब तक पैसे जमा नहीं होते, बिलिंग डिपार्टमेंट हमें कंन्फर्म नहीं करता, तब तक हम कुछ नहीं करते। मोहित का काम पूरा हो चुका था क्योंकि ये सब बाते स्टिंग कैमरे में कैद हो चुकी थी। मोहित ने पूरे मैनेजमेंट और डॉक्टरो की टीम को बता दिया कि स्टिंग हो चुका है । तुम कानून तोड़ रहे हो। पहले पैसे को तवज्जो देते हो, इंसानियत की हत्या कर रहे हो।
मोहित ने भारत के स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा , हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को ई-मेल द्वारा स्टिंग भेजने की बात कही, साथ ही मीडिया में खबर देने और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठने का निर्णय लिया। खुद को फंसता देख प्रबंधन ने बकाया दो लाख रुपये माफ कर दिए। परिजन जितेंद्र को गुडगांव सिविल हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन इस जद्दोजहद के चलते करीब दो घंटे बाद ही उसकी मृत्यु हो गई

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