कहने को ट्रामा सेंटर, शुरू होने में लगे 9 साल

रोहतक : प्रदेश की राजनीतिक राजधानी समझे जाने वाला रोहतक शहर आर्थिक सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। अब रोहतक शहर चिकित्सा क्षेत्र में भी सरताज बनने जा रहा है। जनवरी 2018 में शहर को करोड़ों रुपये की लागत निर्मित ट्रामा सेंटर की सौगात मिलने जा रही है। प्रदेश के लोगो को रोहतक के ट्रामा सेंटर आरंभ होने का लंबे समय से इंतजार था। पं. भगवत दयाल शर्मा चिकित्सा विज्ञान विश्वविधालय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरियाणा ने कई बार ट्रामा सेंटर आरंभ करने की घोषणा की। लेकिन बार-बार आधी-अधूरी तैयारियों के कारण बात लटक जाती। घोषणा करने के बाद भी ट्रामा सेंटर आरंभ न होने से प्रदेश के लोगों का पीजीआई प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग से विश्वास उठने लगा।

दिल्ली से आए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओ. पी. कालरा ने पीजीआई हेल्थ यूनिवर्सिर्टी में कुलपति का चार्ज संभालते ही ट्रामा सेंटर आरंभ कराने के लिए युद्ध स्तर पर मुहिम छेड़ी थी। अब डॉ. कालरा की मुहिम रंग लाती दिख रही है। ट्रामा सेंटर स्थापित हो जाने के बाद शहर चिकित्सा क्षेत्र का हब बनकर उभरेगा। ट्रामा सेंटर स्थापित होने से दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों और अनेक गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियो को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा मिलेगी। वर्ष 2008 में कांग्रेस सरकार के इस अभूतपूर्व चिकित्सा प्रोजेक्ट को आखिरकार आरंभ होन में करीब 10 साल का समय लग गया। फिलहाल ट्रामा सेंटर के लिए प्रशिक्षित नर्स, वरिष्ठ चिकित्सक एवं तकनीनी स्टाफ नियुक्त कर दिया है। शीघ्र जरूरी चीजों को पूरा कर विधिवत शुभारंभ करने की तैयारी है।

रोहतक में पी.जी.आई.एम.एस. मेडिकल कॉलेज, बाबा मस्तनाथ आयुर्वेदिक महाविधालय, गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक महाविधाालय और जे.आर.किसान होम्योपैथी महाविधालय भी डॉक्टरों का बड़ा दस्ता प्रतिवर्ष तैयार करता है। यही नहीं, इन कॉलेजों के साथ सामान्य अस्पताल भी मरीजों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रहे है। यही नहीं, शहर में दर्जनों छोटे-बडे अस्पताल और नर्सिंग होम रोगियो के उपचार करने में जुटे है। इनके अलावा शहर में लगभग 200 प्राइवेट डॉक्टर अपनी सेवाएं देकर रोगियों को चिकित्सा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रदेश के लोग यह कहने में संकोच नहीं करते कि रोहतक शहर चिकित्सा सेवाओं का बड़ा ठिकाना बनेगा।

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