नई दिल्ली। थोक दवा के कारोबार के लिए भी अब फार्मेसी जरूरी होगी। मतलब दवा के थोक कारोबार के लिए फार्मासिस्ट को ही जिम्मेदार माना जाएगा। अभी थोक दवा लाइसेंस के लिए दुकान की जिम्मेदारी पंजीकृत फार्मासिस्ट भी संभाल सकता है। इस संबंध में ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने नियम बदलने की सिफरिश की है। जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट को रखने की सिफारिश की है। नियम में बदलाव हुआ तो थोक दवा कारोबारियों को अपनी व्यवस्था बदलनी पड़ सकती है।
अभी तीन तरह से बन सकता है जिम्मेदार व्यक्ति
नियम के मुताबिक थोक दवा लाइसेंस के लिए परिसर में एक कम्पीटेंट पर्सन जरूरी है। मौजूदा व्यवस्था में वह पंजीकृत फार्मासिस्ट हो सकता है। इसके अलावा मैट्रिक पास व्यक्ति भी दवा बिक्री अनुभव के साथ यह जिम्मेदारी संभाल सकता है। तीसरा विकल्प डिग्री और दवा कारोबार में एक साल का अनुभव रखने वाला व्यक्ति है। यानी मौजूदा नियम में केवल फार्मासिस्ट को ही अनिवार्य नहीं किया गया है। यह व्यवस्था फॉर्म 20-बी और 21-बी के तहत थोक दवा लाइसेंस से जुड़ी है।
थोक लाइसेंस के लिए परिसर का न्यूनतम क्षेत्रफल भी निर्धारित है। डीटीएबी ने कहा कि देश में पर्याप्त फार्मासिस्ट उपलब्ध हैं। इसलिए अब नियम में केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट को कम्पीटेंट पर्सन बनाने की सिफारिश की गई है। अगर नियम बदला तो थोक विक्रेताओं पर इसका असर पड़ेगा। इससे दवाओं की खरीद, भंडारण और बिक्री की जिम्मेदारी प्रशिक्षित व्यक्ति के पास आने की उम्मीद है।










