नई दिल्ली। आरएमएल अस्पताल (राम मनोहर लोहिया) में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर खामियां सामने आई हैं। दवा आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जुलाई में अस्पताल में आक्सीटोसिन की 2675 शीशियां सील की गई थीं। जांच में दवा नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी मिली थी। सितंबर में अस्पताल को 10 अलग-अलग बैच की दवाएं वापस करनी पड़ीं। इनमें आठ बैच नाट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी पाए गए। वहीं दो बैच में गोलियां स्ट्रिप के अंदर पाउडर के रूप में मिलीं।
दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने आरएमएल से आक्सीटोसिन की 2675 शीशियां जब्त की थीं। संबंधित बैच का निर्माण जैक्सन लेबोरेटरीज अमृतसर ने किया था। ड्रग इंस्पेक्टरों ने नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जांच कराई। इसमें आक्सीटोसिन का सक्रिय तत्व निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिला। आक्सीटोसिन का इस्तेमाल प्रसव के बाद रक्तस्राव नियंत्रित करने में होता है।
10 बैच की दवाएं वापस
आरएमएल ने चार नोटिस में 10 बैच की दवाओं का इस्तेमाल रोककर उन्हें वापस करने के निर्देश दिए। आठ बैच को जांच में नाट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी पाया गया। दोनों बैच का निर्माण ग्लोसन इंडिया लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया था। आरएमएल के अनुसार, प्रभावित दवाओं का इस्तेमाल रोक दिया है। वैकल्पिक दवाओं की व्यवस्था की गई है। इन दवाओं के कारण किसी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है। इसके बावजूद मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन इन पर छपी साधे हुए हैं।










