लखनऊ (यूपी)। पांच दवाइयां गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई हैं। ये सरकारी अस्पतालों के लिए खरीदी गई थी। यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने 4 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है। कंपनियों की ओर से भेजी दवाओं के कई बैच गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। यूपीएमएससीएल ने संबंधित बैचों की सप्लाई रोक दी है। साथ ही उनके भुगतान पर भी रोक लगा दी है।
यह है मामला
कारपोरेशन ने जेंटामाइसिन सल्फेट इंजेक्शनसमेत समेत कई दवाओं की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की थी। संबंधित कंपनियों ने दवाएं कारपोरेशन के गोदामों में भेजीं। कंपनियों ने दवाओं की गुणवत्ता सही होने के प्रमाणपत्र भी जमा किए।
अस्पतालों में आपूर्ति से पहले कारपोरेशन ने सैंपल की अपनी प्रयोगशाला में जांच कराई। इसमें एसवीपी लाइफ साइंस के जेंटामाइसिन सल्फेट इंजेक्शन के चार बैच फेल मिले। मैक्सकेम फार्मा की रैनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट के तीन बैच अमानक मिल। वहीं, सेंटलाइफ फार्मा के एंब्रॉक्सोल सिरप के दो बैच फेल मिले। प्रोमेथाजिन हाइड्रोक्लोराइड सिरप के चार बैच फेल मिले।
एथेंस लाइफ साइंसेज की सोडियम वैल्प्रोएट टैबलेट के सात बैच अमानक मिले हैं। इन बैचों की दवा को गोदामों में रोकने के निर्देश दिए गए। प्रबंध निदेशक जे. रीभा ने चारों कंपनियों को 3 साल के लिए काली सूची में डाल दिया है। वित्त नियंत्रक को संबंधित बैचों का भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं।





