चंबा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल चंबा में बीएससी नर्सिंग कोर्स शुरू किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस कोर्स की सीटें आवंटित कर दी गई हैं।

अब जिले में ही मिलेगी नर्सिंग की पढ़ाई

सदर विधायक नीरज नैय्यर ने बताया कि अब तक जिले की छात्राओं को बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था, जिससे परिवारों पर रहने और पढ़ाई का अतिरिक्त खर्च आता था। मेडिकल कॉलेज में ही बीएससी नर्सिंग की सुविधा शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि बीएससी नर्सिंग कोर्स से जुड़ी प्रक्रिया के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सीटें आवंटित की गई हैं।

मेडिकल कॉलेज से जुड़ाव का फायदा

मेडिकल कॉलेज से जुड़े नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को एक बड़ा फायदा मिलता है। उन्हें पढ़ाई के दौरान बड़े अस्पताल के विभिन्न विभागों जैसे मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति, बाल रोग और आपातकालीन सेवाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण का मौका मिलता है। नर्सिंग शिक्षा में यह क्लिनिकल अनुभव बेहद अहम होता है।

स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगी मजबूती

चंबा एक पहाड़ी और दूरदराज का जिला है, जहां स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी लंबे समय से चुनौती रही है। स्थानीय स्तर पर नर्सों के तैयार होने से आने वाले वर्षों में जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय युवा अपने क्षेत्र की भाषा और परिस्थितियों से परिचित होते हैं, जिससे मरीजों की देखभाल भी बेहतर होती है।

बीएससी नर्सिंग: करियर के कई रास्ते

बीएससी नर्सिंग चार वर्ष का स्नातक कोर्स है। इसे पूरा करने के बाद नर्सिंग काउंसिल में पंजीकरण कराकर कई क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है:

  • सरकारी और निजी अस्पतालों में स्टाफ नर्स या नर्सिंग ऑफिसर
  • एम्स, रेलवे, सेना और ईएसआईसी जैसे संस्थानों में भर्ती
  • सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के रूप में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा
  • एमएससी नर्सिंग कर शिक्षण क्षेत्र में करियर
  • विदेशों में नर्सिंग की नौकरी के अवसर

देश में नर्सों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए यह कोर्स युवाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर विकल्प माना जाता है।

स्रोत: अमर उजाला (26 सितंबर 2026)