चंबा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के चंबा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हड्डी और जोड़ों के मरीजों के लिए बड़ी सुविधा शुरू हुई है। अस्पताल के ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर में अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन स्थापित कर उसका शुभारंभ किया गया है। इससे हड्डी के जटिल ऑपरेशन अब पहले से ज्यादा सटीक और सुरक्षित तरीके से हो सकेंगे।
अस्पताल में आधुनिक उपकरणों की कड़ी
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा के चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मानिक सहगल की मौजूदगी में इस मशीन की शुरुआत की गई। अस्पताल में आधुनिक मेडिकल उपकरणों को बढ़ाने की कड़ी में ऑर्थो ऑपरेशन थिएटर में यह नई सी-आर्म मशीन लगाई गई है।
क्या है सी-आर्म मशीन
सी-आर्म एक मोबाइल एक्स-रे इमेजिंग मशीन है, जिसका आकार अंग्रेजी के ‘C’ अक्षर जैसा होता है। इसकी मदद से ऑपरेशन के दौरान ही डॉक्टर मॉनिटर पर हड्डियों और शरीर के अंदर की स्थिति को लाइव देख सकते हैं। इसे ‘फ्लोरोस्कोपी’ तकनीक भी कहा जाता है।
किन ऑपरेशनों में होगा फायदा
- फ्रैक्चर फिक्सेशन: टूटी हड्डी को सही जगह पर बैठाकर रॉड, प्लेट या स्क्रू लगाने में सटीकता
- कूल्हे और जांघ की हड्डी के ऑपरेशन: खासकर बुजुर्गों में होने वाले हिप फ्रैक्चर
- रीढ़ की हड्डी की सर्जरी: स्क्रू और इम्प्लांट की सही स्थिति की पुष्टि
- जोड़ों के जटिल ऑपरेशन: कलाई, टखने और घुटने के आसपास के फ्रैक्चर
मरीजों के लिए क्यों है अहम
सी-आर्म की मदद से छोटे चीरे से भी ऑपरेशन संभव हो जाते हैं, जिससे मरीज जल्दी ठीक होता है और अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है। ऑपरेशन के दौरान ही इम्प्लांट की सही स्थिति की जांच हो जाने से दोबारा ऑपरेशन की संभावना भी कम होती है।
चंबा जैसे पहाड़ी जिले में सड़क दुर्घटनाओं, ऊंचाई से गिरने और बुजुर्गों में फ्रैक्चर के मामले अक्सर सामने आते हैं। अब तक ऐसे कई मरीजों को जटिल ऑपरेशन के लिए टांडा या शिमला जैसे दूर के अस्पतालों में भेजना पड़ता था। नई मशीन से ऐसे ज्यादातर ऑपरेशन जिले में ही हो सकेंगे, जिससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
हिमाचल में अस्पतालों का आधुनिकीकरण
हिमाचल प्रदेश सरकार इन दिनों सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पुराने उपकरणों को बदलने और नई मशीनें लगाने पर काम कर रही है। चंबा मेडिकल कॉलेज में सी-आर्म मशीन की स्थापना इसी दिशा में एक अहम कदम है।
स्रोत: ईटीवी भारत (2 अक्टूबर 2026)










