तिरुपति (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में एक दवा निर्माण इकाई में भीषण हादसा हुआ है। सत्यवेदु मंडल के श्री सिटी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ‘टिल हेल्थकेयर इंडस्ट्रीज’ में बॉयलर फटने से चार कर्मचारियों की मौत हो गई और करीब 10 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।
रात की शिफ्ट में हुआ धमाका
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के समय कर्मचारी अपनी नियमित रात की शिफ्ट में काम कर रहे थे। अचानक बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आसपास काम कर रहे कई कर्मचारी आ गए। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की छत की चादरें और मशीनों के हिस्से दूर तक बिखर गए। विस्फोट के बाद परिसर में आग फैल गई और घना धुआं छा गया।
पुलिस, दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला। घायलों को तिरुपति के रुइया अस्पताल और श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसवीआईएमएस) में भर्ती कराया गया है।
मृतकों में दूसरे राज्यों के मजदूर भी
यूएनआई वार्ता के अनुसार, पुलिस ने चारों मृतकों की पहचान कर ली है। इनमें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के रहने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम आंकड़े स्पष्ट होंगे।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, जांच जारी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। पुलिस का कहना है कि बॉयलर फटने की असली वजह और हादसे के समय फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों की संख्या की जांच की जा रही है।
फार्मा इकाइयों में सुरक्षा पर फिर सवाल
दवा निर्माण इकाइयों में बॉयलर, रिएक्टर और सॉल्वेंट जैसे ज्वलनशील रसायनों का इस्तेमाल होता है, इसलिए यहां सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग फार्मा औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई कर्मचारियों की जान गई है।
उद्योग सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हादसों से बचने के लिए:
- बॉयलर और प्रेशर उपकरणों की नियमित जांच और प्रमाणन जरूरी है।
- प्रेशर सेफ्टी वाल्व और अलार्म सिस्टम हमेशा चालू हालत में होने चाहिए।
- कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का नियमित प्रशिक्षण मिलना चाहिए।
- कैंटीन और आराम कक्ष जैसे स्थान खतरनाक उपकरणों से सुरक्षित दूरी पर होने चाहिए।
- फैक्ट्री निरीक्षण विभाग की ओर से समय-समय पर सख्त ऑडिट होना चाहिए।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की जरूरत को उजागर किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।
स्रोत: यूएनआई वार्ता, आजतक, रिपब्लिक भारत (3 अक्टूबर 2026)










