नई दिल्ली : एक अध्य्यन से यह खुलासा हुआ है कि किडनी की बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को न सिर्फ कैंसर होने का अधिक खतरा होता है, बल्कि उनकी कैंसर से मौत होने की संभावना भी अधिक रहती है।

एक अध्ययन अमेरिकन जर्नल ऑफ किडनी डिजीजेज में प्रकाशित हुआ है, जिसके मुताबिक जो व्यक्ति लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके कैंसर ग्रसित होने का खतरा भी अधिक है।

शोध के दौरान 58,82,388 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। ये वो लोग थे, जो किडनी की बीमारी से ग्रसित थे या डायलिसीस पर थे या उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था।

टोरंटो यूनिवर्सिटी के अभिजात किचलू इस शोध रिपोर्ट के सह लेखक हैं। किचलू कहते हैं कि किडनी संबंधी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।

जो व्यक्ति हल्के और थोड़े अधिक रूप से किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं और जिनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ है, उनको कैंसर होने का अधिक खतरा है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को किडनी की बीमारी होती है, उनके कैंसर पीड़ित होने पर मौत का अधिक खतरा रहता है, खासकर अगर उन्हें यूरोलॉजिक कैंसर, पेट का कैंसर या मल्टीपल माइलोमा हो जाये। उन्होंने कहा कि किडनी की बीमारी से लंबे समय से पीड़ित व्यक्तियों में कैंसर की जांच की रणनीति बनानी जरूरी है।