वीटा डे के मिल्क टोस्ट में मरी हुई मक्खी

हेलीमंडी: नामी और ब्रांडेड कंपनी के उत्पाद को उपभोक्ता अपने इस्तेमाल में और मेहमानों को परोसने के लिए आंख बंद करके खरीद लेते हैं। लेकिन जब इन नामी कंपनियों के पैक्ड खाने के सामान में ही बीमारियां फैलाने वाली मृत मक्खी सहित अन्य जीव निकल आए तो आंखों से देखने के बाद खाना तो दूर भविष्य में खरीदने का भी मन नहीं करता है। यह कोई पहला मौका नहीं जो कि वीटा डे के मिल्क प्रिमियम टोस्ट में मृत कीट निकले हैं, इससे पहले अगस्त में भी डस्ट सहित फफूंद निकला था। ऐसे में गुणवत्ता से अधिक मामला लापरवाही का ही ठहराया जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि, कंपनी के पैकट पर लिखे फोन नंबर पर संपर्क किए जाने पर संबंधित अधिकारी ऐसी गंभीर लापरवाही को मामूली चूक बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

ऐसा ही मामला गुरुग्राम के हेलीमंडी क्षेत्र में सामने आया है, वीटा डे के मिल्क टोस्ट के पैकेट में मिल्क रस में मृत मक्खी सहित अन्य जीव भी टोस्ट के बीच में निकले। वीटा डे के मिल्क टोस्ट की पैकिंग तिथि 3 अक्टूबर 2017 और इसका बैच नंबर आरडी 10003 है। इस पैकेट को हाल ही में एक स्थानीय विके्रता से खरीदा गया। उपभोक्ता ने बीती 21 दिसंबर को जैसे ही चाय के साथ खाने के लिए वीटा डे के मिल्क प्रिमियम टोस्ट पैकेट से निकाले तो उसमें मृत मक्खी-जीव को देख सन्न रह गया और इसके बाद में पैकेट सहित टोस्ट को ज्यों का त्यों रख दिया। इससे पहले हार्ट के पेशेंट मनोज के द्वारा खरीदे इसी कंपनी के प्राोडेक्ट 22 जून 20017 का पैक और बैच नंबर 6022 में भी डस्ट निकल चुका है।

इलायची का दाना होगा
3 अक्टूबर 2017 और बैच नंबर आरडी 10003 के वीटा डे के मिल्क प्रिमियम टोस्ट में मृत मक्खी व अन्य जीव निकलने पर जब पैकेट पर दिए गए कस्टमर केयर नंबर 9918800480 पर शिकायत की गई तो, दूसरी तरफ से संबंधित अधिकारी ने बेहद सहज भाव के साथ कहा कि, ध्याान से देखो इलायची दाना ही होगा। जब कहा गया कि, इलायची के दाने और मक्खी के साइज में कितना अंतर होता है, यह उपभोक्ता को अच्छी तरह से मालूम है। इसके बाद संबंधित टोस्ट के फोटो वट्सएप पर भेजने को कहा तो कस्टमर केयर अधिकारी का कोई जवाब नहीं मिला है।

सॉरी, हम पैकेट बदल देंगे
इसके बाद में वीटा डे के मिल्क प्रिमियम टोस्ट पैकेट पर लिखे मेल आइडी पर पूरे मामले की शिकायत और फोटो भेजे गए तो, इसके बाद सायं के समय अधिकारी संजय मुंजाल का फोन आया, और कहा, वैरी सॉरी। जब अधिकारी से पूछा गया कि नियमित अंतराल पर प्रोडेक्ट में डस्ट, मृत मक्खी जैसी शिकायत क्यों? तो कहा कि, लंबा काम होता है, कई बार चूक भी हो जाती है। हमारा प्रतिनिधि संपर्क करके दूसरा पैकेट दे देगा। साथ में दावा किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही-शिकायत नहीं मिलेगी।

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