नई दिल्ली। Weight Loss दवा की 22 शीशियां वापस मंगाई गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों? एक कंपाउंडिंग फार्मेसी ने अमेरिका से टिरजेपेटाइड इंजेक्शन की 22 शीशियां वापस मंगाई हैं। इन इंजेक्शनों की स्टेरिलिटी (कीटाणु-मुक्त होने) की पुष्टि नहीं की जा सकी। इसने उन वजन घटाने वाली इंजेक्शन दवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिनकों मान्यता प्राप्त दवा निर्माताओं के बजाय फार्मेसियों द्वारा तैयार किया जाता है।
कंपाउंडेड GLP-1 दवाएं फार्मेसियों द्वारा खुद तैयार की जाती हंै। मरीजों तक पहुंचने से पहले इनकी सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए समीक्षा नहीं की गई है। जैसा कि आम तौर पर अन्य दवाओं की होती है। अपोथेकेरी फार्मा को अमेरिकी कानून के तहत एफडीए द्वारा एक आउटसोर्सिंग सुविधा माना जाता है।
कंपाउंडिंग फार्मेसिया डॉक्टर के आदेश पर हर मरीज की जरूरत के हिसाब से दवाएं तैयार करती हैं। जैसे किसी मरीज को ऐसी दवा की जरूरत हो जिसमें कोई खास सामग्री न हो। या फिर ऐसी दवा जो बाजार में आम तौर पर उपलब्ध नहीं है। आउटसोर्सिंग सुविधाएं क्लीनिकों और फार्मेसियों के लिए स्टराइल दवाओं के बड़े बैच भी तैयार कर सकती हैं।





