बेंगलुरु। Sex Power दवा के नाम 48 लाख की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर यह कार्रवाई अंजाम दी गई। सडक़ किनारे टेंट लगाकर बीमारियों का इलाज करने का दावा किया जा रहा था। असल में यह भारी-भरकम पैसे ऐंठने वाला ठग नेटवर्क निकला।

पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों विजय प्रधान चितोदिया और मनोज सिंह चितोदिया को गिरफ्तार किया है। दोनों महाराष्ट्र के सांगली जिले के मिराज तालुक के हैं। आरोपियों के पास से 17 तरह की आयुर्वेदिक दवाएं, 19.50 लाख कैश और एक टेम्पो ट्रैवलर जब्त किया है। केवल दवाओं की कुल कीमत 23.50 लाख रुपए आंकी गई है।

यह गिरोह कर्नाटक समेत कई राज्यों में ट्रैवलिंग क्लिनिक बनाकर लोगों को लूट रहा था। कई लोगों को शिकार बना चुका था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड के पीडि़त ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि शादी के बाद से ही उसे सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतें थीं। वो यौन क्षमता बढ़ाना चाहता था। इसके इलाज की तलाश में वो एक कॉलेज के पास सडक़ किनारे लगे टेंट में पहुंचा। यहां यूरोलॉजिकल बीमारियों की दवाएं बेचने का दावा किया जा रहा था।

टेंट में मौजूद व्यक्ति ने भरोसा दिलाया कि उनके गुरुजी के पास बेहद प्रीमियम आयुर्वेदिक दवाएं हैं। वह गंभीर और निजी समस्याओं का इलाज कर देती हैं। कुछ ही मिनटों में गुरुजी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दवा की कीमत 1 से 2 लाख रुपए प्रति ग्राम बताई। पीडि़त ने 48 लाख रुपए तक दे दिए।

इस दवा को खाने के बाद पीडि़त की हालत उल्टे बिगड़ गई। उसे एहसास हुआ कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। आरोपी को तेलंगाना के महबूबनगर में दबोचा गया। पुलिस की पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसने अपने साथी मनोज का नाम बताया। उसको 1 दिसंबर को साइबराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।