अयोध्या (उप्र)। 15 दवाओं की आई जांच रिपोर्ट में तीन दवाएं नकली मिली हैं। इनमें दो एंटी बायोटिक और एक दर्द निवारक दवा शामिल हैं। इस खुलासे के बाद औषधि विभाग ने दवा बनाने वाली कंपनी समेत चार फर्मों के खिलाफ ड्रग एक्ट की विभिन्न धाराओं में देस दर्ज कराया है। दवाओं के ये नमूने दो साल पहले एक मेडिकल स्टोर से लिए थे। गौरतलब है कि जिले में नकली दवा बिक्री की सूचना पर औषधि विभाग ने दो वर्ष पूर्व शहर के बछड़ा सुल्तानपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। इस दौरान संदिग्ध मिली 15 दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। जांच रिपोर्ट में इन 15 दवाओं में से तीन दवाएं अधोमानक पाईं गईं। इन दवाओं में एंटी बायोटिक की दो व एक दर्द निवारक दवा शामिल हैं। औषधि निरीक्षक पीसी रस्तोगी ने बताया कि शहर के एनकेएस फार्मा से इन दवाओं की बिक्री की जा रही थी। जांच में पता चला है कि दर्द निवारक में दवा के सक्रिय घटक मानक के अनुरूप कम थे, जिसे उत्तराखंड की यक्का फार्मासिटीकल रुडक़ी ने बनाया था। जबकि एंटी बायोटिक दवा थी ही नहीं, इसमें दवा के सक्रिय तत्व पाए ही नहीं गए।
इसकी निर्माता कंपनी का नाम न होने से निर्माता कंपनी की जानकारी अभी नहीं हो सकी। बल्कि इसे आपूर्ति करने वाली रुडक़ी की ही फर्म डी क्योर फार्मा के नाम से संचालित है। बताया कि इन दोनों प्रकार की दवाएं कमला इंटर प्राइजेज जयपुर को आपूर्ति की गईं थीं, जो कि थोक विक्रेता है। यहीं से एनकेएस फार्मा को दवा आपूर्ति की गई थी। इस तरह नकली दवा बनाने व बिक्री करने के मामले में संलिप्त सभी चारों फर्मों पर एडीजे चतुर्थ के न्यायालय में ड्रग एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।










