इलाहाबाद (उप्र)। कफ सिरप मामले के दो आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत नहीं दी है। कोर्ट ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नकली कफ सिरप तस्करी के दो सरगनाओं को कानूनी राहत देने से इनकार कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया है।
हाईकोर्ट ने आरोपी सिंटू उर्फ अखिलेश प्रकाश और आकाश मौर्य की याचिकाओं को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर स्टे की मांग की थी। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की है। कहा कि याचिकाकर्ताओं पर समाज के विरुद्ध अपराध करने का आरोप है। यह गंभीर प्रकृति का अपराध है। इस मामले में राहत देने का कोई आधार नहीं बनता है। प्रकाश और मौर्य एक बड़े नार्कोटिक्स सिंडिकेट के मुख्य सरगना माने जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार दोनों ने तस्करी की बड़ी चेन तैयार कर रखी थी। यह नेटवर्क फर्जी कंपनियों और जाली दस्तावेजों के सहारे चल रहा था। इन फर्जी फर्मों की आड़ में नशीली कफ सिरप की अवैध खेप सप्लाई की जाती थी।










