मुंबई । ल्यूपिन फार्मा ने चीनी कंपनी के साथ समझौता किया है। यह समझौता उसने मोटापे और मधुमेह के इलाज की दवा के लिए किया है। चीन की गैन एंड ली फार्मास्यूटिकल्स के साथ एक विशिष्ट लाइसेंसिंग आपूर्ति और वितरण समझौता किया है।

मुंबई स्थित कंपनी ने कहा कि यह समझौता कंपनी के मधुमेह पोर्टफोलियो को मजबूत करता है। साथ ही मोटापे के खंड में इसकी मौजूदगी को बढ़ाता है।

गैन एंड ली ने ‘बोफैंग्लूटाइड इंजेक्शन’ विकसित किया है। यह एक ऐसा जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट है जिसे हर दो हफ्ते में एक बार दिया जाता है। यह टाइप टू डायबिटीज वाले वयस्कों के इलाज और वजन कम करने में मदद करता है।
समझौते के तहत ल्यूपिन को भारत में बोफैंग्लूटाइड का वाणिज्यिकरण और वितरण का अधिकार होगा। ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक नीलेश गुप्ता ने कहा, ‘‘हम मधुमेह (डायबिटीज) जैसी पुरानी मेटाबॉलिक बीमारियों के प्रबंधन के लिए सबसे अच्छे समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मोटापे की समस्याओं का समाधान करना सबसे जरूरी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है।’