हैदराबाद (तेलंगाना)। फार्मा कंपनियां न्यूट्रास्यूटिकल्स के रूप में दवाएं बेचने का खेल कर रही हैं। बताया गया है कि वे दवा नियमों से बचने के लिए ऐसा कर रही हैं। पिछले कुछ महीनों में औषधि नियंत्रण प्रशासन को नौ ऐसे मामले मिले हैं। इनमें दवा निर्माता दवाओं को खाद्य उत्पाद के रूप में बेच रहे हैं।

दवाओं को गलत तरीके से वर्गीकृत करके अनिवार्य दवा नियमों को दरकिनार कर दिया। नियामक अधिकारियों ने ऐसे फार्मास्युटिकल उत्पादों को पोषक तत्वों के रूप में बेचे जाने का पता लगाया है। उप्पल में कैल्शियम-डी3 की गोलियों को खाद्य उत्पाद बताकर बेचा जा रहा था। इसके बाद मुशीराबाद (फोरॉन-एक्सटी टैबलेट), हब्सिगुडा (रिबोविन टैबलेट), मंचरियाल (प्रोकाल्क-जेड जिंक ड्रॉप्स) और मलकपेट (डावाफर-एक्सटी टैबलेट) में भी इसी तरह की ज़ब्ती की गई। ये सभी उत्पाद पोषक तत्वों के नाम पर अवैध रूप से बेचे जा रहे थे। यह तेलंगाना भर में व्यापक नियामक उल्लंघन का संकेत देते हैं।