नई दिल्ली। प्रतिबंधित दवा अल्प्राजोलम की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीम ने दव तस्करी के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एल्प्राजोलम की 21 हजार टैबलेट बरामद हुई हैं। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरियाणा के मनोज कुमार उर्फ मनु और बिहार के तौहीद आलम उर्फ अयान के रूप में हुई है।

आरोपित दिल्ली की भागीरथ पैलेस से प्रतिबंधित दवाएं तस्करी कर रोहतक व अन्य जगहों पर सप्लाई करते थे। उपायुक्त संजीव कुमार यादव के मुताबिक, हेड काॅन्स्टेबल अनुज को मनोज के बारे में जानकारी मिली थी। आरोपी दूसरे तस्करों से अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल आदि जैसी प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई में शामिल हैं। जानकारी मिली कि दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट इलाके में प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं का लेन-देन हो रहा है।

गुप्त सूचना पर मनोज को भागीरथ पैलेस मार्केट में डिस्पेंसरी के पास से गिरफ्तार किया गया। वह ग्राहक को तस्करी की हुई अल्प्राजोलम सप्लाई करने जा रहा था। तलाशी में उसके पास बैग से 19,200 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं। मनोज ने बताया कि वह पिछले तीन साल से प्रतिबंधित श्रेणी की दवाएं सप्लाई कर रहा था। उसने आगे बताया कि वह अयान नाम के एक सेल्समैन से यह दवाएं लेता था। मनोज से मिली जानकारी के आधार पर अयान के ठिकानों पर छापे मारे गए। टीम ने सेल्सपर्सन बनकर दरियागंज में उसके ठिकानों पर जासूसी की। इसके बाद अयान को जगसन पाल बिल्डिंग के पास से दबोच लिया गया। उसके दरियागंज स्थित किराए के घर से 1,800 टैबलेट अल्प्राजोलम बरामद हुईं। फिलहाल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।