नई दिल्ली। नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने की। इस गिरोह के मास्टर कोऑर्डिनेटर अरुण (59) को बिहार के गया से गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 9 सदस्यों को पकड़ा जा चुका है।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली दवाएं और मशीनरी बरामद की हंै। छापेमारी के दौरान 1.6 लाख से अधिक नकली टैबलेट, फर्जी इंजेक्शन की एम्प्यूल और ट्रामाडोल आधारित ओपिओइड दवाएं जब्त की। यह गिरोह नकली दवाओं का निर्माण कर उन्हें बाजार में सप्लाई करता था।
आरोपी ट्रामाडोल आधारित दवाओं को तैयार कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करते थे। ट्रामाडोल एक ओपिओइड दवा है। इसका दुरुपयोग नशे के रूप में भी किया जाता है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। मोटा मुनाफा कमाने के लिए आम लोगों की जान जोखिम में डाल रहा था। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर फैक्ट्री का पता लगाया। इसके बाद छापा मारकर पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।










