कानपुर (यूपी)। सील अस्पताल को दूसरे भवन में नए नाम से खोल लेने का मामला प्रकाश में आया है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले छह महीनों में कई अस्पताल सील किए थे। इनमें से कई अस्पताल अब नए भवनों में नए नामों के साथ धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।

कल्याणपुर क्षेत्र में ऐसेचार अस्पताल मिले हैं। इन्हें सितंबर में पंजीकरण न होने के कारण सील कर दिया गया था। अवैध अस्पतालों में अप्रशिक्षित स्टाफ मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कल्याणपुर न्यू शिवली रोड पर संचालित माधव अस्पताल, महादेव अस्पताल, मां शक्ति नर्सिंग होम और न्यू लाइफ बेबी केयर हॉस्पिटल सील किए गए थे। सितंबर 2025 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजीकरण न होने के कारण इन्हें सील कर दिया था। ये ें सभी अस्पताल नए भवनों में नए नामों से संचालित पाए गए। अस्पतालों में मरीज भर्ती थे और इलाज भी चल रहा था। अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की पंजीकृत अस्पतालों की सूची में भी शामिल नहीं हैं।

अधिकांश अवैध अस्पताल किराए के भवनों में चल रहे हैं। जब निरीक्षण में खामियां पाई जाती हैं तो भवन सील कर दिया जाता है। ऐसे में अस्पताल संचालक भवन खाली कर देते हैं। भवन मालिक यह कहकर सील खुलवा लेता है कि अब वहां अस्पताल नहीं है। इसके बाद ये अस्पताल दूसरे भवन किराए पर लेकर फिर से काम शुरू कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली के कारण अस्पताल फिर से संचालित होने लगते हैं।

गुनगुन अस्पताल में लोकल डॉक्टर प्रसव करा रहे हैं। इस अस्पताल में केवल गर्भवती महिलाओं का प्रसव किया जाता है। अस्पताल का मुख्य द्वार का शटर हर समय आधा गिरा रहता है। निरीक्षण दल के आने की सूचना मिलते ही शटर बंद कर दिया जाता है। यहां लोकल डॉक्टर सर्जरी करते हैं और दवाएं भी लिखते हैं। यह अस्पताल भी स्वास्थ्य विभाग की सूची में नहीं है।

एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि अस्पतालों की संख्या बहुत अधिक है। प्रभावी कार्रवाई के लिए लगातार कई टीमें लगाकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। सीएमओ को टीमों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया है। कुछ महत्वपूर्ण कारणों से अभियान में बाधा आ रही थी।