सोलन (हप्र)। डायरिया समेत अन्य रोगों की 198 दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल मिली हैं। देशभर में दवाओं की गुणवत्ता पर फिर प्रश्न खड़े हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने फरवरी का ड्रग अलर्ट जारी किया है। इसमें कफ सीरप और इंजेक्शन भी शामिल हैं।

इनमें दिल, मिर्गी, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं प्रमुख हैं। कुछ पाउडर, आयरन व विटामिन की गोलियां भी परीक्षण में खरी नहीं उतरीं।

रिपोर्ट के अनुसार अकेले हिमाचल में निर्मित 73 दवाएं फेल पाई गई हैं। जिन प्रमुख दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, वे इस प्रकार हैं-

1. डायरिया के लिए इस्तेमाल होने वाली जिंक एसिटेट डिसपर्सिबल 20 दवा (बैच नंबर टीडी250606)
2. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली लाइकोपीन विटामिन ए, ई, सी, जिंक और सेलेनियम साफ्ट जेलाटिन कैप्सूल (बैच नंबर बीएसजी250404ए)।
3. तनाव व दिल पर भार कम करने वाली टेल्मिसार्टन टैबलेट आइपी 40 एमआर (बैच नंबर 1116002)
4. एचआइवी संक्रमण की नेविरापाइन सीरप यूएसपी50 एमजी (बैच नंबर एल071)
5. छाती में दर्द की निकोरेंडिल टैबलेट आइपी पांच एमजी (बैच नंबर 4351598)
6. हाई कोलेस्ट्राल और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कम करने वाली फेनोफाइब्रेट कैप्सूल आइपी 200 एमजी (बैच नंबर एफएफसी1201)
7. कैंसर के इलाज में प्रभावी ओंडानसेट्रान हाइड्रोक्लोराइड ओरल साल्यूशन आइपी (बैच नंबर आइएनटी-01)
8. उच्च रक्तचाप की एनालाप्रिल मेलेट टैबलेट 2.5 एमजी (बैच नंबर ईएनसी01एल5ए) का सैंपल फेल हुआ है।