नई दिल्ली। डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज सेमाग्लूटाइड नामक मौखिक गोली का निर्माण या बिक्री नहीं करेगी। डॉ. रेड्डीज़ ने नोवो नॉर्डिस्क द्वारा दावा की गई पेटेंट श्रेणी में आने वाली दवा बारे दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला के समक्ष यह आश्वासन दिया गया।
नोवो नॉर्डिस्क ने अपनी मौखिक सेमाग्लूटाइड दवाओं के पेटेंट उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस दवा का उपयोग टाइप 2 मधुमेह के प्रबंधन के लिए किया जाता है। प्रतिवादी ने सेमाग्लूटाइड (ओरल टैबलेट) का व्यावसायिक निर्माण, बिक्री, आपूर्ति/निर्यात, बिक्री के लिए पेशकश न करने पर सहमति व्यक्त की है। इसमें सेमाग्लूटाइड और एन-(8-(2-हाइड्रॉक्सीबेंज़ॉयल) एमिनो)कैप्रिलिक एसिड (एनएसी) के लवण शामिल हैं।
इसमें एन-(8-(2-हाइड्रॉक्सीबेंज़ॉयल) एमिनो) कैप्रिलिक एसिड के उक्त लवणों की मात्रा 0.6 – 2.1 मिमी मोल की सीमा में है। इसमें जीएलपी-1 एगोनिस्ट सेमाग्लूटाइड की मात्रा 0.01 मिलीग्राम से 100 मिलीग्राम की सीमा में है। जैसा कि वादी के पेटेंट संख्या 325669 के दावे 1 के तहत दावा किया गया है।










