जबलपुर (मप्र)। स्वास्थ्य विभाग में 1.33 करोड़ का दवा घोटाला उजागर हुआ है। अब आरोपित अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की तैयारी है। वहीं 1.33 करोड़ की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। एनएचएम कार्यालय में जिला लेखा प्रबंधक से सभी दस्तावेज ले लिए हैं। सीएमएचओ स्टोर कीपर के स्टॉक रजिस्टर में दर्ज प्रचार-प्रसार सामग्री स्टोर में नहीं पाई गई।
यह है मामला
समाजसेवी अरविंद मिश्रा ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी। बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी ने सीएमएचओ डा. संजय मिश्रा के साथ मिलीभगत की। मार्च माह में बिना कलेक्टर की अनुमति के औषधि भंडार क्रय नियमों की धज्जियां उड़ा दी। करोड़ों रुपये के क्रय आदेश जारी कर दिए। कोई सामग्री जिला स्टोर में रिसीव नहीं हुई। न ही कोई काम पूरा हुआ। फिर भी फर्मों को करोड़ों का भुगतान कर दिया गया।
सिंह इंटरप्राइजेज भोपाल को बिना अनुमति के 82.51 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। जबकि सामग्री आज तक रिसीव नहीं हुई। शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में बिना रंगाई-पुताई किए 51.30 लाख का फर्जी भुगतान किया। जिले की एक ट्रेडर्स फर्म को 25 लाख से अधिक का भुगतान किया गया। फर्मों से कंप्यूटर सामग्री ली ही नहीं गई। सीएमएचओ स्टोर में कोई एंट्री तक नहीं।
उधर, डॉ. संजय मिश्रा, सीएमएचओ का कहना है कि आरोप निराधार हैं। क्रय प्रक्रिया नियमानुसार जेम्स पोर्टल से होती है। राशि लैप्स न हो, इसलिए मार्च क्लोजिंग के पहले संबंधित फर्म को क्रय आदेश जारी हुए।










